लक्ष्मी जी का आशीर्वाद चाहिए तो इन बातों को कभी न भूलें, जानें चाणक्य नीति

चाणक्य के अनुसार व्यक्ति जीवन में कुछ गलतियां कर देता है, जिस कारण उसे लक्ष्यों की प्राप्ति में कभी कभी बाधाओं का भी सामना करना पड़ता है. चाणक्य की मानें तो व्यक्ति को लक्ष्य की प्राप्ति में बहुत गंभीर और सतर्क रहना चाहिए. क्योंकि जरा सी चूक या लापरवाही मेहनत पर पानी फेर सकती है.

चाणक्य की गिनती भारत के श्रेष्ठ विद्वानों में की जाती है. चाणक्य ने अपने ज्ञान और अनुभव से जो भी जाना और समझा, उसे अपनी पुस्तक चाणक्य नीति में लिखा. चाणक्य की चाणक्य नीति आज भी प्रांसगिक है. चाणक्य की बताई बातें, आज भी लोगों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है. चाणक्य की मानें तो जीवन में सफलता प्राप्त करनी है तो कुछ कार्यों को नहीं करना चाहिए, ये कार्य कौन से हैं, आइए जानते हैं-

अपमान- चाणक्य नीति कहती है कि जीवन में यदि सफलता प्राप्त करनी है तो कभी किसी का अपमान नहीं करना चाहिए. अपमान करने से शत्रुता का भाव पैदा होता है. जीवन में उतार चढ़ाव आते रहते हैं. आज अच्छा समय है, कल खराब भी आ सकता है. जब इस बात का ध्यान नहीं रखते हैं और सामने वाले व्यक्ति का अपमान कर बैठते हैं, तो कभी कभी ये स्थिति गंभीर परिणाम का कारण भी बन जाती है.

धोखा- चाणक्य के अनुसार अपने स्वार्थ के लिए कभी किसी को धोखा नहीं देना चाहिए. धोखा देने वाले व्यक्ति को कभी सफलता प्राप्त नहीं होती है. ऐसे लोगोंको यदि सफलता मिल भी जाए तो, उसकी अवधि अधिक नहीं होती है. वहीं गलत कार्यों का परिणाम भी भुगतना होता है. इसलिए किसी को धोखा नहीं देना चाहिए.

निंदा- चाणक्य के अनुसार निंदा करना सबसे बुरी आदतों में से एक है. निंदा को निंदा रस भी कहा गया है, क्योंकि जो एक बाद इस आदत को अपना लेता है तो उसे सहज इस आदत से छुटकारा नहीं मिलता है. उसे निंदा करना अच्छा लगने लग जाता है, उसे ज्ञात ही नहीं हो पाता है कि वो कितनी बुरी आदत से घिरता जा रहा है, बुराई करना और सुनना दोनों से ही बचना चाहिए. ये प्रगति में बाधक है. इन बुराईयों से दूर रहने वाले पर लक्ष्मी जी की कृपा सदैव बनी रहती है.

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