अस्पताल चिकित्सा का मंदिर और यहां मरीजों की सेवा करना डॉक्टरों की जिम्मेदारी : डॉ मांडविया

जोधपुर, 3 फ़रवरी (हि.स.)। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ मनसुख मांडविया ने कहा है कि अस्पताल चिकित्सा का मंदिर है और उनमें मरीजों की सेवा करना डॉक्टरों की जिम्मेदारी है। मांडविया शनिवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के चौथे दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों से कम से कम दो साल स्वेच्छा से ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने का संकल्प लेने को कहा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री के सपने में हम सबका योगदान होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि अगर 140 करोड़ भारतीय एक संकल्प के साथ कार्य करेंगे तो देश बहुत आगे बढ़ जाएगा।

इस अवसर पर केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सदैव कहते हैं कि हमारा संकल्प विकसित भारत बनाना हैं। इसके लिए हर सामान्य व्यक्ति या नागरिक तक मूलभुत सुविधाओं को पहुचाना है। उन्होंने बताया कि एम्स जोधपुर में 450 करोड की लागत से ट्रॉमा सेंटर का निर्माण हो रहा हैं, जो एक वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगा। दीक्षांत समाराेह में मुख्यमत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतरीन काम हुआ हैं। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश में मेडिकल कॉलेज 381 थे, जो अब बढ़कर 706 हो गए है। इसी तरह एमबीबीएस में सीटों की संख्या 54 हजार 348 से बढ़कर 1 लाख 9 हजार से अधिक हो गई हैं।

मुख्यमंत्री ने डिग्री प्राप्त करने वाले मेडिकल छात्रों से कहा कि आज से उनकी जिम्मेदारी अधिक बढ़ गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान को अग्रणी राज्य बनाया जाएगा। इस मौके पर एम्स जोधपुर, नागपुर, बिलासपुर एवं अन्य एम्स में विभिन्न स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं और सेवाओं का उद्घाटन किया गया। समारोह में 200 करोड़ रुपये की लागत से सुपर स्पेशिलिटी ब्लॉक (सम्बद्ध सवाई मानसिंह चिकित्सा महाविद्यालय, जयपुर) के अपग्रेडेशन कार्य के लोकार्पण के साथ दीक्षांत समारोह में 22 मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया। चिकित्सा और नर्सिंग, स्नातक, स्नातकोत्तर और सुपर स्पेशियलिटी के 779 से अधिक छात्रों को डिग्रियां दी गई।