हार्मोनल असंतुलन बन सकता है कई बीमारियों का कारण, जानें किन लक्षणों से करें इसकी पहचान

नई दिल्ली : हार्मोनल असंतुलन: हार्मोन हमारे शरीर के रासायनिक संदेशवाहक होते हैं, जो शरीर के हर हिस्से तक संदेश पहुंचाने का काम करते हैं। इनकी मदद से शरीर के अंगों तक सिग्नल पहुंचते हैं कि कब और कैसे काम करना है। इसलिए हमारे शरीर में हार्मोन्स की संतुलित मात्रा का होना जरूरी है। अगर इनमें असंतुलन हो जाए तो व्यक्ति को कई बीमारियों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

 

 

 

हार्मोनल असंतुलन हार्मोन के बहुत अधिक या बहुत कम होने के कारण हो सकता है। इससे आपको बांझपन, मुंहासे, डायबिटीज, थायरॉइड, अनियमित पीरियड्स, पीसीओडी आदि जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, हार्मोनल असंतुलन होने पर शरीर में कई लक्षण दिखने लगते हैं, जिनकी मदद से इसे पहचाना जा सकता है। आइए जानते हैं हार्मोनल असंतुलन के कारण शरीर में क्या लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

 

 

 

 

 

मुंहासा

 

 

 

 

 

शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के बढ़ने से मुंहासों की समस्या हो सकती है। इससे त्वचा में मौजूद तेल ग्रंथियों के कारण त्वचा के रोमछिद्र बंद हो जाते हैं। रोमछिद्र बंद होने से बैक्टीरिया संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, जिससे मुंहासे होते हैं।

 

 

 

 

 

बालों का झड़ना

 

 

 

 

 

हार्मोन में बदलाव के कारण कभी-कभी बाल झड़ने लगते हैं। यह मुख्य रूप से टेस्टोस्टेरोन के स्तर में बदलाव के कारण होता है। यह समस्या आमतौर पर गर्भनिरोधक गोलियों, गर्भावस्था या रजोनिवृत्ति के दौरान होती है।

 

 

 

 

 

वज़न बढ़ना या कम होना

 

 

 

 

 

हमारे शरीर में कई हार्मोन होते हैं जो हमारे मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करते हैं। थायराइड हार्मोन, कोर्टिसोल, एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन के असंतुलन के कारण कई बार हमारा वजन बढ़ने लगता है। अधिक वजन बढ़ना आपके लिए चिंता का विषय बन सकता है। इसी तरह, हार्मोन में बदलाव के कारण आपका मेटाबॉलिज्म भी तेज हो सकता है, जिससे वजन कम हो सकता है।

 

 

 

 

 

भूख का बढ़ना या कम होना

 

 

 

 

 

हार्मोन हमारी भूख को भी नियंत्रित करते हैं। लेप्टिन और घ्रेलिन हार्मोन में परिवर्तन से भूख बढ़ने या कम होने की समस्या हो सकती है। वजन घटने या बढ़ने के पीछे यह भी एक कारण हो सकता है।

 

 

 

 

 

 

 

अनिद्रा

 

 

 

 

 

हार्मोन हमारी नींद को भी नियंत्रित करते हैं। इनमें असंतुलन के कारण रात में नींद न आना या अच्छी नींद न आने की समस्या हो सकती है।