गर्मी की छुट्टियां रद्द करने की याचिका पर सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

कोलकाता, 20 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में गर्मी की छुट्टियों को 16 से बढ़ाकर 26 जून तक किए जाने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ लगाई गई जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई पूरी हो गई है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की पीठ में दाखिल की गई इस याचिका में आवेदक ने कहा था कि फिलहाल मौसम विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि बारिश की शुरुआत हो गई है और तापमान नहीं बढ़ेगा। ऐसे में गर्मी की छुट्टियों का कोई औचित्य नहीं है। इसके साथ ही बच्चे मिड-डे मील के अपने अधिकार से भी वंचित हो रहे हैं।

दूसरी ओर अधिवक्ता सम्राट सेन ने कहा कि जब छुट्टी की विज्ञप्ति जारी की गई थी तब राज्य के कई जिलों में तापमान 41 से 43 डिग्री सेल्सियस था। इसीलिए बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए छुट्टियां बढ़ाई गईं। इसके अलावा मिड डे मील बंद नहीं किया गया है बल्कि बच्चों के अभिभावकों को दिया जा रहा है जो बच्चों को मिल रहा है। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश ने पूछा कि क्या आप लोग अभी भी गर्मी की छुट्टियों को और बढ़ाना चाहते हैं। इस पर सम्राट सेन ने कहा कि सबकुछ निर्भर करता है मौसम विभाग की अधिसूचना पर।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने सुनवाई की मुल्तवी कर दी और फैसला सुरक्षित कर लिया है।

उल्लेखनीय है कि पहले 16 जून तक स्कूल बंद रखने की घोषणा की गई थी लेकिन मुख्यमंत्री के निर्देश पर इसे बढ़ाकर 26 जून तक कर दिया गया है। इसी के खिलाफ याचिका लगाई गई थी। याचिकाकर्ता का कहना है कि कोरोना की वजह से पहले ही बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई है और अब छुट्टियों को लंबी खींचने पर बच्चों की शिक्षा बड़े पैमाने पर प्रभावित होगी।

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