शहर में बदहाल सड़क-सीवर व्यवस्था में सुधार को लेकर हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने लिया स्वयं संज्ञान

नारनौलः नारनौल शहर में बदहाल सड़कों की स्थिति तथा सीवर ओवर फ्लो को लेकर हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने स्वयं संज्ञान लिया है तथा इस मामले को लेकर 17 सितंबर को जिले के उच्च अधिकारियों तथा को उच्च अधिकारियों तथा अनेकों विभागों के अधिकारियों को भी तलब किया है.

इसी के साथ जिला न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश मेहता ने बताया कि पिछले कुछ समय से नारनौल नगर परिषद की सीमा क्षेत्र में विशेषकर शहर नारनौल की आबादी क्षेत्र में सीवर वगैरह के लिए की गई. खुदाई और उसके बाद उसकी मरम्मत में हुई देरी, सड़कों की बदहाल व्यवस्था व दुर्दशा से आम नागरिकों का जीना मुश्किल हो गया और शहर के अंदर सड़कों के रास्तों पर लोगों का पैदल, दो पहिया वाहन व चार पहिया वाहन चलना दूभर हो गया.

 

 

उन्होंने आगे कहा कि पूरे शहर में सड़कों पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं और काफी जगह सीवर लाइन के मेन हॉल टूटे हुए हैं और सीवर ओवर फ्लो है. पानी की निकासी की व्यवस्था उचित न होने के कारण जगह-जगह नालियों का गंदा पानी व सीवर का पानी जमा हो रहा है जिससे आम जनता में महामारी के प्रकोप की आशंका बढ़ रही है. इस सारी स्थिति को देखते हुए हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने इस पर स्वयं संज्ञान लिया है.

इस संबंध में आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति सतीश कुमार मित्तल व उनके साथी सदस्यों द्वारा दिनांक 13 सितंबर 2021 को आदेश पारित किया गया है जिसके माध्यम से आम नागरिकों को हो रही उपरोक्त परेशानियों व समस्याओं के निराकरण के लिए 17 सितंबर शुक्रवार को दोपहर 3:30 बजे स्थानीय पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस नारनौल में आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति सतीश कुमार मित्तल स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों, उपायुक्त, कार्यकारी अभियंता, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद नारनौल, कार्यकारी अभियंता जन स्वास्थ्य विभाग, कार्यकारी अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग भवन व मार्ग शाखा की संयुक्त बैठक लेंगे.

 

आयोग के आदेश अनुसार इस बैठक में आम नागरिकों की तरफ से पक्ष रखने के लिए और मानव अधिकारों की सुरक्षा के लिए जिला न्यायालय नारनौल के वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश मेहता को प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया है. मेहता ने आम नागरिकों से अपील की है कि वह अपने क्षेत्र की सड़क सीवर व पानी से संबंधित समस्या के विषय में कोई भी लिखित प्रतिवेदन या मौके की स्थिति की फोटो उन्हें व्यक्तिगत रूप से संपर्क नंबर 9466665500 पर व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे या उन्हें व्यक्तिगत रूप से संपर्क करके 2 दिन में दें.

 

ताकि शहर की समस्याओं का निराकरण कराने के लिए आयोग के सामने पूर्ण तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत की जा सके. विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उक्त बैठक में पिछले 3 साल में नारनौल शहर में विकास कार्यों के लिए सरकार से आई हुई ग्रांट के खर्च वह किस किस मद में उक्त राशि खर्च की गई है. इस बारे में भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है.

इस बात को लेकर नगर परिषद, जन स्वास्थ्य व पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों में खलबली मची हुई है. वहीं हुड्डा सेक्टर में भी खर्च की गई राशि का ब्यौरा मांगा जा सकता है. गौरतलब है कि हुड्डा सेक्टर नारनौल में पानी की निकासी व सीवर ओवर फ्लो आम समस्या है. थोड़ी सी बरसात में ही सेक्टर में पानी भर जाता है तथा सीवर ओवरफ्लो हो जाते है.

बताया जा रहा है कि पिछले 3 सालों में नारनौल शहर में विकास कार्यों के लिए सरकार द्वारा करोड़ों रुपए की राशि भेजी गई थी परंतु लोगों की नजरों में स्थिति ज्यों की त्यों है उनका कहना है कि कि पैसा लगा है तो कहां लगा इस बारे में अधिकारियों से जवाब तलब किया जाए.

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