हरियाणा में 11 साल से बीजेपी की सरकार होने के बावजूद केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार

हरियाणा में 11 साल से बीजेपी की सरकार होने के बावजूद केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार

देश के प्रमुख वित्तीय और कॉर्पोरेट हब के रूप में पहचाने जाने वाले गुरुग्राम (Gurugram) में जब भी मानसून की पहली या भारी बारिश होती है, तो मिलेनियम सिटी की चमक कुछ ही घंटों में जलभराव (Gurugram Rain Waterlogging) के पानी में डूब जाती है। सड़कों पर दरिया जैसे हालात बन जाते हैं और लाखों लोग घंटों तक भयंकर ट्रैफिक जाम में फंसे रहते हैं। इस बीच, हरियाणा की सियासत में एक बार फिर से इस मुद्दे पर तीखा घमासान छिड़ गया है। राज्य में पिछले 11 सालों से लगातार भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार सत्ता में काबिज है, इसके बावजूद केंद्रीय मंत्री और स्थानीय कद्दावर नेता राव इंद्रजीत सिंह ने गुरुग्राम के जलभराव और लचर बुनियादी ढांचे के लिए सीधे तौर पर विपक्षी पार्टी कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। उनके इस हैरान करने वाले बयान के सामने आने के बाद से राजनीतिक गलियारों में जुबानी जंग तेज हो गई है और विरोधी दल इस पर लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं।

राव इंद्रजीत सिंह का बयान और मिलेनियम सिटी के बदतर हालात

गुरुग्राम में जलभराव की समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि यह हर साल बरसात के मौसम में शहर की एक स्थायी तस्वीर बन जाती है। हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के बाद जब चारों तरफ पानी भर गया और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, तो प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी था। ऐसे में, जब केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह से मिलेनियम सिटी की इस खस्ताहाल स्थिति और जलभराव के कारणों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने मौजूदा सरकार की कमियों को स्वीकार करने के बजाय पिछली सरकारों, विशेष रूप से कांग्रेस के शासनकाल की नीतियों को इसके लिए आड़े हाथों लिया। उनका यह तर्क था कि शहर का मास्टर प्लान और बुनियादी ड्रेनेज सिस्टम वर्षों पहले गलत तरीके से डिजाइन किया गया था, जिसकी वजह से आज भी शहर को जलभराव जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

11 साल की बीजेपी सरकार बनाम कांग्रेस पर सियासी ठीकरा फोड़ने की रणनीति

राजनीतिक विश्लेषकों का यह मानना है कि जब किसी पार्टी को लगातार एक दशक से अधिक समय तक सत्ता में हुए हो, तो जनता के सामने समस्याओं के लिए पिछली सरकारों को दोष देना अब पुराना और असरहीन पैंतरा साबित होता जा रहा है। हरियाणा में साल 2014 से लेकर 2026 तक लगातार बीजेपी की सरकार रही है, और इस दौरान गुरुग्राम को देश का सबसे आधुनिक शहर बनाने के तमाम बड़े-बड़े दावे किए गए थे। अरबों रुपये खर्च करने के बावजूद यदि थोड़ी सी बारिश में नेशनल हाईवे से लेकर कॉलोनियां तक झील में तब्दील हो जाती हैं, तो यह सीधे तौर पर प्रशासनिक विफलता और प्लानिंग की कमी को दर्शाता है। कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी नेताओं ने राव इंद्रजीत सिंह के इस बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि जब खुद सत्ता में बैठे मंत्री ही अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने से डरते हैं, तो शहर की समस्याओं का समाधान कैसे हो सकता है।

जनता का बढ़ता गुस्सा और विकास के दावों की खुली पोल

गुरुग्राम और आसपास के स्थानीय लोगों के मन में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि इतनी बड़ी टैक्स देने वाली अर्थव्यवस्था और कॉरपोरेट हब होने के बावजूद उन्हें हर साल बरसात के दिनों में नरकीय जीवन जीने के लिए मजबूर होना पड़ता है। वाहन पानी में डूब जाते हैं, अंडरपास तालाब बन जाते हैं और लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। राजनेता भले ही अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ते रहें, लेकिन धरातल पर बुनियादी सुविधाओं के नाम पर लापरवाही साफ तौर पर देखी जा सकती है। इस पूरे राजनीतिक विवाद ने यह साबित कर दिया है कि जब तक राजनीतिक दल दोषारोपण की राजनीति छोड़कर ठोस और पारदर्शी मास्टर ड्रेनेज प्लान पर काम नहीं करेंगे, तब तक मिलेनियम सिटी को जलभराव के इस अभिशाप से मुक्ति मिलने वाली नहीं है।