गुरुग्राम: दुनिया के सबसे छोटे पर्वतारोही हेयांश को सीएम ने किया सम्मानित

गुरुग्राम, 20 जून (हि.स.)। माउंट एवरेस्ट बेस कैंप पर तिरंगा फहराकर दुनिया के सबसे छोटे यानी कम उम्र के पर्वतारोही बने हेयांश कुमार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यहां पीडब्ल्यूडी स्वर्ण जयंती विश्राम गृह में सम्मानित किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने हेयांश को अपनी गोद में भी बिठाया और उसे मिठाई खिलाई। हेयांश कुमार गुरुग्राम जिले के गांव बाबड़ा बाकीपुर का रहने वाला है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि इस बच्चे ने छोटी आयु में ही माउंट एवरेंस्ट बेस कैंप में 5364 मीटर की ऊंचाई पर तिरंगा फहराकर अद्भुत साहस और दृढ निश्चय का परिचय दिया है। हरियाणा प्रदेश व गुरुग्राम जिला का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में खेलों का ऐसा माहौल है कि छोटी आयु से ही बच्चे खेल में लग जाते हैं। खेल की इसी भावना का प्रदर्शन करते हुए हेयांश ने इतनी कम उम्र में राज्य का गौरव बढ़ाया है, वह दुनिया की सबसे उंची चोटी माउंट एवरेस्ट के बेस कैम्प तक पहुंचने वाले सबसे कम उम्र का बालक बन गया है। उन्होंने कहा कि यह बच्चा आगे चलकर ऐसे ही नए कीर्तिमान स्थापित करेगा, ऐसा उनका विश्वास है। मुख्यमंत्री ने हेयांश कुमार के माता-पिता को भी बच्चे की इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें समाचार पत्रों तथा मीडिया से पता चला कि गुरुग्राम जिला के गांव बाबड़ा बाकीपुर के एक बच्चे हेयांश कुमार की माउंट एवरेंस्ट बेस कैंप में जाने की उपलब्धि हासिल की है तो उन्हें इस बहादुर बच्चे से मिलने की इच्छा हुई। हेयांश कुमार को विश्राम गृह बुलाया गया, जहां पर वह अपने पिता मनजीत कुमार के साथ आया था। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बालक हेयांश कुमार को गोद में बिठाकर उसका दुलार किया, मिठाई खिलाई और उससे खूब बातें की। माउंट एवरेंस्ट चढऩे का विचार कहा से आया, बेस कैंप में जाकर उसे कैसा लगा, क्या अच्छा लगा और क्या बुरा आदि के बारे में मुख्यमंत्री ने हेयांश से पूछा।

बता दें कि 3 वर्ष, 7 माह और 27 दिन की अल्प आयु में गुरुग्राम जिला का हेयांश कुमार विश्व के सबसे कम उम्र के पर्वतारोही बन कर सुर्खियों में आ गया है। हेयांश ने इतनी कम उम्र में माउंट एवरेस्ट बेस कैंप की चढ़ाई कर अद्भुत दृढ़ निश्चय का प्रदर्शन किया है। उसका बेस कैम्प समुद्र तल से 5364 मीटर की उंचाई पर था। उसकी इस यात्रा को मैनकाइंड फार्मा द्वारा प्रायोजित किया गया था।

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