आँखों की रौशनी के लिए फायदेमंद होता है देशी गाय का घी

हिन्दू धर्म में गाय को माता की तरह पूजा जाता है। देशी गाय के पुराने घी में अनेक बीमारियों से मुक्ति दिलाने वाले गुण मौजूद होते हैं। इससे यज्ञ में आहुतियां देने से जहां पर्यावरण शुद्ध होता है वहीं इथिलीन ऑक्‍साइड व फाममोल्डिहाइड नामक यौगिक गैस के रूप में उत्पन्न होकर प्राण वायु को शुद्ध करते हैं और जीवाणुओं का नाश करते हैं।
गाय के पुराने घी के लाभ:
# गाय के घी के नियमित सेवन से बल व वीर्य बढ़ता है तथा मानसिक शक्ति मिलती है। इसके नियिमित सेवन से गैस व कब्‍ज़ कभी परेशान नहीं करता।
# बच्‍चों की छाती व पीठ पर गाय के पुराने घी की मालिश करने से कफ की समस्‍या दूर हो जाती है। गाय का घी व मिश्री मिलाकर खिलाने से शराब, भांग व गांजा का नशा तुरंत उतर जाता है।
# यदि सांप ने काट लिया है तो तुरंत सौ-डेढ़ सौ ग्राम गाय का घी पिलाकर अधिक मात्रा में गुनगुना पानी पिलाना चाहिए, इससे उल्‍टी व दस्‍त शुरू हो जाएगा और विष का असर कम होने लगेगा।
# सिर दर्द के साथ ही शरीर में गर्मी में लगे तो गाय के घी से तलवों की मालिश करनी चाहिए। तुरंत आराम मिलेगा।
# हार्ट अटैक के मरीज़ों को चिकनाई खाने की मनाही होती है लेकिन वे भी गाय का घी खा सकते हैं, इससे हृदय मजबूत होता है।
# एक गिलास गर्म दूध में एक चम्‍मच गाय का घी मिलाकर पीने से संभोग से होने वाली कमज़ोरी दूर हो जाती है।
# गाय के घी का सेवन वजन नियंत्रित रखता है। इसके सेवन से दुबले लोगों का वज़न बढ़ता है और मोटे लोगों का वज़न कम होता है।
# आंखों की ज्‍योति बढ़ाने के लिए एक चम्मच गाय के घी में एक चम्मच बूरा व एक चौथाई चम्मच पिसी काली मिर्च डालकर सुबह खाली पेट और रात को सोते समय चाट कर ऊपर से गर्म मीठा दूध पीने से लाभ होता है।

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