गाजियाबाद : दुकान खुलते ही कोविड नियमों को तोड़कर ग्राहकों ने खरीदी शराब

गाजियाबाद  : जनपद में शराब की दुकानें और ठेके खुलने के बाद खरीदारों की लम्बी-लम्बी लाइनें दुकानों के बाहर लग गई। लोगों ने कोविड-19 के नियमों का तोड़ते हुए जमकर शराब की खरीदारी की। वहीं, भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) व शहर के तमाम  व्यापारियों ने इस पर अफसोस जताते हुए कहा कि शहर के बाजार बंद हैं, लेकिन शराब की दुकानें खोल दी गई हैं। क्या बाजार की दुकान खोलने से ही कोरोना फैलता है ? व्यापार मंडल ने यह चेतावनी दी है कि शराब के ठेके बंद नहीं किए गए तो वह भी अपना बाजार पूरी तरह खोल देंगे।
राज्य सरकार के निर्देश पर मंगलवार से जनपद में दुकानदारों ने कोविड नियमों के पालन करने की शर्त पर शराब की दुकानें और ठेकों को खोल दिया है। इसके बाद ग्राहकों की भीड़ दुकानों में इस तरह इकट्ठा हो गयी, जैसे लोगों को फ्री में शराब वितरण की जा रही हो। घंटाघर मछली मंडी, अंबेडकर रोड, कालका गढ़ी, यूपी बॉर्डर, आरडीसी अंसल प्लाजा, इंदरगढ़ी, विजय नगर सेक्टर 11, इंदिरापुरम, कौशाम्बी, क्रासिंग रिपब्लिक समेत शराब के ठेकों पर सुबह से ही शराब खरीदने वालों की लंबी-लंबी लाइनें लग गई। लोगों ने कोविड-19 के नियमों को तोड़कर शराब की खरीदारी की।
सिहानी गेट व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनुराग गर्ग की ओर से एक बयान जारी करते हुए जिला प्रशासन को यह चेतावनी दी गई है कि अगर शराब की दुकानें व ठेके बंद नहीं किए गए तो वे जबरन अपना बाजार खोल लेंगे। उन्होंने रणनीति बनाने के लिए आज सुबह 10:00 बजे व्यापारियों को बाजार में एकत्र होने का आह्वान किया था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उनको बुला लिया। इसके बाद तय हुआ कि बुधवार को सभी व्यापारी प्रशासन को इस संबंध में ज्ञापन देंगे और अपना पक्ष रखेंगे। उधर भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के प्रदेश सचिव केशव चौधरी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शराब के ठेके तत्काल बंद करने की मांग की है।

 

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