कोरोना के बढ़ते प्रकोप के ​बीच फलों के बढ़े दाम, व्रतियों को करनी होगी जेब ढीली

कानपुर : चैत्र नवरात्र को लेकर मंदिरों व घरों में तैयारियां बड़े ही जोर शोर चल रही हैं। वहीं कोरोना के बढ़ रहे संक्रमण के आगे फल व किराना बाजार में महंगाई ने भी तेजी पकड़ ली है। ऐसे में नवरात्र में फलाहारी व्रतियों की महंगाई के बीच जेब ढीली करनी पड़ेगी।
घंटाघर निवासी मनु राठौर ने बताया कि वे इस कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए ही बाजारों में निकल रही है। उनका कहना है कि रात्रि पाबंदी (कर्फ्यू) लगने से थोड़ी दिक्कत का भी सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि बीते दिनों जो केला 30 रुपये दर्जन में हुआ करता था वो अब 50 से 60 रुपये के बीच भाव मिल रहा है। सेब 90 रुपये किलो से सीधे 150 रुपये मिल रहा है।
हरवंश मोहाल निवासी अंजू सिन्हा का कहना है कि नवरात्र के पहले अभी तक साबूदाना, कूटु का आटा व सिंघाड़ा आटा 120 रुपये किलो में मिल जाता था। आज नवरात्र के एक दिन पहले 40 से 60 रुपये तक की बढ़त भी देखने को मिल रही है।
केनाल रोड में मिट्टी के बर्तनों का व्यापार करने वाले राजू का कहना है कि कोरोना संक्रमण के बढ़ने से माल की खपत कम हो गई है। क्योंकि रात्रि कर्फ्यू के लागू होने से मन एक ये भी भय बना रहता है कि कहीं सम्पूर्ण लॉक डाउन लागू हो गया तो कच्चे बर्तनों की बिक्री बिल्कुल खत्म हो जाएगी क्योंकि इसी गर्मी में ही इनकी मांग ज्यादा रहती है। वहीं, उनका कहना है नवरात्र कल से शुरू होने जा रहा है लेकिन सर्वा कलश की मांग अब न के बराबर ही आ रही है।
दालमंडी में फल की रेडी लगाने वाले हीरालाल का कहना है कि हर नवरात्रों में केले की मांग ज्यादा हो जाती थी लेकिन इस बार बदलते मौसम के चलते केले के व्यापार में मंदी आयी है। लेकिन नवरात्र पर्व को देखते हुए कहीं न कहीं ये उम्मीद लगती है कि इस बार फल की बिक्री हो। उन्होंने बताया कि इस समय सेब का भाव 100 से 120 रुपये व अनार के भी इतने ही दाम है, इनके दो दिन पूर्व तक 80 रुपये थे।

 

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