3 योगासन से बढ़ाएंगे आपके बच्चों की हाइट, आज से करें इस योगासन को नियमित

आपने देखा होगा कि उम्र के साथ बच्चों की लंबाई नहीं बढ़ती है। अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो बच्चे के वजन कम होने की संभावना बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे कई योग हैं जिन्हें बच्चे नियमित रूप से करेंगे तो उनकी हाइट बढ़ेगी और उनका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। ये योग ग्रोथ हार्मोन को बढ़ाने में मदद करते हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर साल 21 जून को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मकसद लोगों को योग का महत्व समझाना है। अगर आपके बच्चे को भी हाइट बढ़ने की समस्या है तो अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर आइए जानते हैं उन योगों के बारे में जिनसे बच्चों की हाइट बढ़ेगी।

ताड़ासन:

ताड़ासन एक ऐसा योगासन है जिसे बच्चे बड़ी आसानी से कर सकते हैं। ताड़ासन रीढ़ को सीधा करने और हाइट बढ़ाने का एक बेहतर तरीका है। इसे करने के लिए सबसे पहले दोनों पैरों को मिलाकर खड़े हो जाएं या उनके बीच 10 सेंटीमीटर का फासला छोड़ दें। हाथों को साइड में सीधा रखें। इसके बाद शरीर का भार शरीर को स्थिर रखते हुए दोनों पैरों पर रखें। अपने हाथों को धीरे-धीरे अपने सिर के ऊपर उठाएं और हथेली की उंगलियों को एक दूसरे के सामने रखते हुए, हथेली को आकाश की ओर इंगित करें। साथ ही अपने पूरे शरीर को इस तरह उठाएं कि पैर की उंगलियां उंगलियों की युक्तियों तक फैली हों। कुछ सेकंड के लिए इस स्थिति में रहें। फिर सामान्य मुद्रा में लौट आएं। इस आसन को एक बार में 4 से 5 बार करें। बच्चों के लिए इस आसन को नियमित करें।

धनुरासन:

यह आसन बच्चों की लंबाई बढ़ाता है और पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है। मांसपेशियों को मजबूत करता है। इस आसन को करने के लिए पेट के बल चटाई पर लेट जाएं। अब अपने पैरों को घुटनों पर मोड़ें। फिर दोनों हाथों से अपनी एड़ियों को पकड़ लें। इसके बाद सांस लेते हुए अपनी छाती को ऊपर उठाएं। अपनी गर्दन उठाएँ और ऊपर देखें। ऐसे में आपका शरीर धनुष के आकार में दिखाई देगा। धनुरासन के दौरान शरीर को इस तरह उठाएं कि पेट का सिर्फ एक हिस्सा ही जमीन को छुए। कुछ देर बाद सामान्य हो जाएं। इस आसन को 4 से 5 बार करें।

पेड़ की सीट

पेड़-पौधे बैठने से बच्चों की लंबाई बढ़ती है और जांघों, टखनों और रीढ़ की हड्डी को मजबूती मिलती है। एकाग्रता भी अधिक है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले ताड़ासन की स्थिति में सीधे खड़े हो जाएं। अब दाएं घुटने को मोड़ें और दाएं पैर के अंगूठे को जितना हो सके बायीं जांघ पर रखें। जब शरीर इस स्थिति में संतुलित हो जाए तो हाथ को सिर के ऊपर उठाएं और दोनों हाथों को नमस्कार की मुद्रा में मिला लें। कुछ सेकंड के लिए इस स्थिति में रहें। फिर सामान्य मुद्रा में लौट आएं। फिर बाएं पैर को मोड़कर दायीं जांघ पर रखें। इस प्रकार दोनों पैरों से इस व्यायाम को 4 से 5 बार दोहराएं। अपने बच्चों से नियमित रूप से इस आसन का अभ्यास करवाएं।

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