कानपुर में 1984 के दंगा मामलों में पांच आरोपित गिरफ्तार

कानपुर, 23 जून (हि.स.)। कानपुर में वर्ष 1984 में हुए दंगा मामले की जांच कर रही एसआईटी ने गुरुवार को पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों पर किदवई नगर थाने में मुकदमा दर्ज था।

वर्ष 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिखों पर हुए अत्याचार मामले की जांच में जुटी एसआईटी ने अभियुक्तों की गिरफ्तारी तेज कर दी है। गुरुवार को पांच और अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में जसवंत निवासी कंजड़पुरवा किदवई नगर, रमेश चन्द्र दीक्षित निवासी जूही लाल कालोनी, रविशंकर मिश्रा निवासी जूही लाल कालोनी, भोला निराला नगर एवं गंगा बक्श सिंह निवासी यू ब्लॉक जूही कॉलोनी शामिल हैं। जिनकी आज गिरफ्तारी हुई है उनमें कुछ पहले भी पकड़े जा चुके थे और अब जमानत पर हैं।

एसआईटी के डीआईजी बालेंदु भूषण ने गुरुवार को बताया कि आज पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी की गिरफ्तारी किदवई नगर थाने में दर्ज मामले की जांच के बाद की गयी है। सिख दंगा मामले में अब तक कुल 11 अभियुक्तों को पकड़ा जा चुका है। अभी 63 अभियुक्तों की गिरफ्तारी बाकी है। उनकी धरपकड़ के लिए अभियान जारी है।

वर्ष 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कानपुर में आक्रोशित भीड़ ने 127 सिखों की हत्या कर दी थी। निराला नगर में पांच लोगों की हत्या हुई थी। उस समय 40 मुकदमें दर्ज हुए थे। 29 में फाइनल रिपोर्ट लग गई थी, बाकी मामलों में चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई थी। राज्य सरकार ने मई 2019 को मामलों की पुनः विवेचना के लिए एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने फाइनल रिपोर्ट वाले 29 मामलों में से केवल 14 को जांच के योग्य माना।

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