विशेषज्ञों ने बताया ओमिक्रोन वैरिएंट से बचने के पांच बड़े उपाय, ताकि सुरक्षित रहें आप, लाकडाउन से बचेगा देश

 देश में ओमिक्रोन को लेकर हाहाकार मचा है। देश में बीते 24 घंटे में कोरोना के 2,58,089 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही कोरोना से ठीक होने वाले लोगों में भी इजाफा हुआ है। केंद्रीय स्वास्थय मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार भारत में पिछले 24 घंटे में 1,51,740 कोरोना मरीज ठीक हुए हैं और 385 लोगों की मौत हुई है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि ओमिक्रोन वैरिएंट से कैसे बचा जाए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन व यूपी के कोविड टीकाकरण के ब्रांड एंबेस्डर व केजीएमयू के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डा सूर्यकान्त ने इसके बचने के पांच बेजोड़ उपाय बताए हैं। आइए जानते हैं कि उनके ये पांच उपाय क्‍या है।

 

पांच जरूरी मंत्र आपको कोरोना से रख सकता है सुरक्षित

डा. सूर्यकान्त का कहना है कि यह बात शुरू से बताई जा रही है कि कोरोना को मात देना है तो दो काम हाथों के लिए बहुत जरूरी हैं और दो काम पैरों के लिए। इसके तहत सबसे पहले तो किसी से भी हाथ मिलाने की जगह नमस्कार करना है। दूसरा हाथों को बार-बार साबुन-पानी से धुलते रहना है। तीसरा मंत्र यह है कि पैरों को भीड़भाड़ में जाने से रोकना है और चौथा एक दूसरे से दो गज की दूरी बनाए रखनी है। पांचवां और आखिरी सबसे जरूरी मंत्र है कि मास्क से परेशान हुए बगैर उसका पालन करें, क्योंकि कोरोना हर जगह और हर वक्त ताक लगाए बैठा है। उन्‍होंने कहा कि जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाते हुए सार्वजनिक जगहों पर हमेशा मास्क लगाकर रखें। यह कोरोना ही नहीं बल्कि वायु प्रदूषण व टीबी-निमोनिया समेत कई अन्य संक्रामक बीमारियों से भी बचाएगा।

 

कोविड टीकाकरण है बेहद जरूरी

1- डा सूर्यकांत ने कहा कि साल भर के अनुभव और दुनिया के आ रहे अध्ययन से यह साफ पता चलता है कि कोविड-19 के संक्रमण से अगर खुद के साथ घर-परिवार व समुदाय को सुरक्षित रखना है तो कोविड टीकाकरण कराना सभी पात्र लोगों के लिए बहुत जरूरी है। टीकाकरण के साथ जरूरी प्रोटोकाल (पांच मंत्रों) का पालन भी सभी की भलाई के लिए आवश्यक है। सूर्यकान्त का कहना है कि कोविड की पहली लहर में तो बचाव का कोई टीका था ही नहीं लेकिन दूसरी लहर में ज्यादातर वही लोग गंभीर रूप से कोरोना की चपेट में आए जिन्होंने टीका नहीं लगवाया था।

2- देश में इसबीच कोरोना एक बार फिर तेजी से पांव पसार रहा है। ऐसे में अभी हाल ही में मुंबई के एक अस्पताल से आए आंकड़े बताते हैं कि अस्पताल में भर्ती होने वाले 95 फीसद कोरोना संक्रमित ने टीके की दोनों डोज नहीं लगवा रखी थी। इसलिए उन्‍होंने देशवासियों से अपील की है कि संक्रमण को रोकने के लिए जब जिसकी बारी आए टीकाकरण जरूर कराएं। टीका कोरोना से सुरक्षा तो प्रदान करेगा और अगर उसके बाद भी कोरोना की चपेट में आते हैं तो ऐसी गंभीर स्थिति नहीं बनेगी की अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आए।

 

नौ महीने से भी कम समय में 100 करोड़ डोज

भारत ने नौ महीने से भी कम समय में 100 करोड़ डोज लगा दी। एक दिन में 2.51 करोड़ डोज लगाने का रिकार्ड बनाया। एक दिन में एक करोड़ से अधिक डोज लगाने का आंकड़ा तो भारत ने कई बार पार किया। टीकाकरण अभियान में देश ने कई मील के पत्थर हासिल किए, जिनकी दुनिया में कोई मिसाल नहीं है। विश्व के विकसित और कम आबादी वाले देशों में टीकाकरण अभियान की तुलना में भारत की यह उपलब्धि कम बड़ी नहीं है। तमाम संसाधन और सुविधाएं होने के बावजूद अमेरिका समेत कोई भी दूसरा देश टीकाकरण में भारत जैसी उपलब्धि हासिल नहीं कर सका है।

 

 

अब तक पांच वैक्सीन को मंजूरी

भारत में अब तक कोरोना रोधी पांच वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग को मंजूरी दी गई हैं। आइए जानते हैं इन पांच वैक्‍सीनों के बारे में।

1- कोविशील्ड- आक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित और सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा उत्पादित

2- कोवैक्सीन- भारत बायोटेक द्वारा पूरी तरह से स्वदेशी तौर पर विकसित और उत्पादित

3- अमेरिकी दवा कंपनी माडर्ना की वैक्सीन

 

4- अमेरिकी ही दवा कंपनी जानसन एंड जानसन की वैक्सीन, और

5- जायकोव डी- जायडस कैडिला द्वारा विकसित और उत्पादित

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