भारत ने गणतंत्र दिवस 2023 के भव्य उत्सव के लिए मिस्र के राष्ट्रपति फत्ताह अल-सिसी को निमंत्रण दिया है। 2014 से मिस्र के राष्ट्रपति रहे एल सिसी को दिए गए निमंत्रण को अफ्रीका और अरब दुनिया दोनों के लिए भारत की समान पहुंच के रूप में देखा जा रहा है।

भारत के इस कदम से मिस्र के साथ राजनीतिक और सैन्य संबंधों को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इससे अफ्रीकी देश तक भारत की पहुंच मजबूत होगी। इस साल दोनों देशों ने अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ भी मनाई।

भारत-मिस्र संबंध मजबूत हो रहे हैं

इस साल दोनों देशों ने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाई। भारत मिस्र के साथ अपने राजनीतिक और सैन्य संबंधों को लगातार बढ़ा रहा है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए नई दिल्ली ने गणतंत्र दिवस 2023 पर मुख्य अतिथि बनने के लिए मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी को निमंत्रण पत्र दिया है।

मिस्र का महत्व

मिस्र अरब जगत का सबसे अधिक आबादी वाला देश है। मिस्र अफ्रीका की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भी है। ऐसे में अल सिसी के लिए रेड कार्पेट बिछाना राष्ट्रपति का सुझाव है कि आने वाले वर्षों में दिल्ली-काहिरा संबंधों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।