कोरोना की तीसरी लहर का असर, गो एयरलाइंस ने आईपीओ योजना को रोका

नुस्ली वाडिया समूह (Nusli Wadia Group) ने कोविड-19 की तीसरी लहर और ट्रैवल बिजनेस पर इसके प्रभाव को देखते हुए अपनी बजट एयरलाइन गो एयरलाइंस (Go Airlines) की 3,600 करोड़ रुपये की प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) योजना को अस्थायी रूप से रोक दिया है. समूह के करीबी अधिकारियों ने कहा कि कंपनी ओमिक्रॉन (Omicron) वेरिएंट महामारी की स्थिति का मूल्यांकन कर रही है और आईपीओ के बारे में अपने बैंकरों के साथ चर्चा कर रही है. इस मामले से जुड़े एक एक अधिकारी ने कहा, बैंकरों को प्रतीक्षा करने के लिए कहा गया है. आपको बता दें कि गो एयर ने आईपीओ (Go Airlines IPO) के लिये मई में शुरूआती दस्तावेज जमा किये थे. उसे 26 अगस्त को सेबी से मंजूरी मिली.

रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों ने कहा कि शीर्ष निवेशक विमानन क्षेत्र में निवेश करने से पहले उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और यात्रा योजनाओं पर ओमिक्रॉन के प्रसार के प्रभाव को देख रहे हैं.

3600 करोड़ रुपये का आईपीओ

गो एयरलाइंस (इंडिया) ने पिछले साल मई में आईपीओ के लिए आवेदन किया था और अगस्त में उसे बाजार नियामक सेबी की मंजूरी मिली थी. 3,600 करोड़ रुपये के सार्वजनिक निर्गम के अलावा, यह प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के माध्यम से 1,500 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रहा था.

सूत्रों ने कहा, हालांकि सभी फंड जुटाने की योजनाओं को फिलहाल के लिए रोक दिया गया है और समूह को गो एयरलाइंस में अतिरिक्त पूंजी लगाने की उम्मीद है क्योंकि इसे परिचालन खर्चों के लिए पूंजी की जरूरत है.

जल्द लॉन्च किया जाएगा आईपीओ

कुछ मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि गो एयरलाइंस के आईपीओ को जल्द से जल्द लॉन्च किया जाएगा क्योंकि ओमिक्रॉन का प्रभाव, जिसे कोरोनवायरस के तुलनात्मक रूप से हल्के संस्करण के रूप में देखा जाता है, लंबे समय तक चलने की उम्मीद नहीं है.

एक फंड मैनेजर ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, वायरस संक्रामक है, लेकिन मृत्यु दर नहीं बढ़ी है. इसलिए उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में भारत में तीसरी लहर चरम पर होगी और उसके बाद खत्म हो जाएगी. यात्रा और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर राज्य सरकारों द्वारा प्रतिबंध ने ट्रैवल को प्रभावित किया है, जिससे यात्राएं कैंसिल हो गई हैं, लेकिन सभी को उम्मीद है कि व्यापार पर कोई दीर्घकालिक प्रभाव नहीं पड़ेगा. एविएशन सेक्टर मीडियम से लॉन्ग टर्म में बुलिश है.

पहले से ये एयरलाइन हैं लिस्टेड

फिलहाल तीन प्राइवेट एयरलाइन कंपनियां… इंडिगो (IndiGo), स्पाइसजेट (SpiceJet) और जेट एयरवेज (Jet Airways)… घरेलू शेयर बाजार में लिस्टेड हैं. जेट एयरवेज ने अप्रैल 2019 में परिचालन बंद कर दिया था. कंपनी दिवालिया प्रक्रिया में गयी है. राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) ने जालान कालरॉक समूह की समाधान योजना को मंजूरी दे दी है.

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