शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने शिक्षक भर्ती TRE 4.0 और लाइब्रेरियन बहाली पर दी बड़ी जानकारी
News India Live, Digital Desk : बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए, खास तौर पर जो शिक्षक बनना चाहते हैं, पिछले कुछ साल काफी गहमागहमी भरे रहे हैं। एक के बाद एक कई चरणों की शिक्षक बहाली ने राज्य के युवाओं में एक नई उम्मीद तो जगाई है, लेकिन कई सवाल अब भी अनसुलझे हैं। ऐसे ही कुछ अहम सवालों के जवाब बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने दिए हैं, जो आज चर्चा का विषय बने हुए हैं।
TRE 4.0 को लेकर क्या है ताजा अपडेट?
शिक्षक बहाली का चौथा चरण (TRE 4.0) फिलहाल सबसे ज्यादा सुर्खियों में है। अभ्यर्थी जानना चाहते थे कि पिछली भर्तियों के बाद अब विभाग की क्या तैयारी है। इस पर मंत्री सुनील कुमार ने स्पष्ट किया है कि सरकार भर्ती की इस निरंतरता को बनाए रखना चाहती है। उन्होंने संकेत दिया कि जैसे ही पुराने चरणों की सारी औपचारिकताओं और खाली पदों का सही आंकड़ा आ जाता है, TRE 4.0 के लिए काम शुरू कर दिया जाएगा।
सीधी सी बात ये है कि सरकार भर्ती की रफ़्तार को रोकना नहीं चाहती, लेकिन हर कदम पारदर्शिता के साथ बढ़ाना उनकी प्राथमिकता है। अभ्यर्थियों को बस अपनी तैयारी की लय बनाए रखने की जरूरत है।
सालों पुराना 'लाइब्रेरियन वेकेंसी' का दर्द
इस पूरी बातचीत में जो सबसे खास बात रही, वह थी पुस्तकालयाध्यक्ष यानी लाइब्रेरियन (Librarian) बहाली पर मंत्री जी का रुख। काफी सालों से पुस्तकालयों में काम करने की डिग्री लेकर बैठे छात्र दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं और एक बड़े विज्ञापन की आस लगाए बैठे हैं। मंत्री जी ने स्वीकार किया कि स्कूलों और कॉलेजों में पुस्तकालयों की स्थिति को बेहतर बनाना है, तो वहां प्रोफेशनल्स की नियुक्ति बहुत ज़रूरी है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि विभाग अब लाइब्रेरियन के खाली पदों की गणना और बहाली की प्रक्रिया पर गंभीरता से विचार कर रहा है। यह उन लोगों के लिए बहुत बड़ी खबर हो सकती है जिन्होंने अपनी जवानी सिर्फ लाइब्रेरियन भर्ती के इंतज़ार में गुजार दी।
केवल भर्ती नहीं, स्कूलों की सुविधा पर भी है जोर
शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि सिर्फ नई भर्ती निकालना ही काफी नहीं है, बल्कि स्कूलों के बुनियादी ढांचे को भी सुधारना होगा। स्कूलों में बच्चों को बैठने की जगह से लेकर नई तकनीक के उपयोग तक पर सरकार काम कर रही है। शिक्षकों के साथ-साथ सही माहौल होना भी बच्चों की शिक्षा के लिए बहुत अहम है।
अभ्यर्थियों के लिए छोटा सा संदेश
भले ही आधिकारिक तौर पर नोटिफिकेशन की तारीख अभी सामने नहीं आई हो, लेकिन मंत्री के बयानों से एक बात तो साफ है कि 2026 की शुरुआत तक शिक्षा विभाग कई बड़ी वेकेंसी लेकर आ सकता है। अक्सर विज्ञापन आने के बाद पढ़ने का समय कम बचता है, इसलिए यही वो समय है जब आप अपनी तैयारी को 'फिनिशिंग टच' दे सकते हैं।
हकीकत ये है कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है, और अगर मंत्री की बातों पर अमल होता है, तो हजारों घरों के चूल्हे इस सरकारी नौकरी की बदौलत जल सकते हैं।