पीलिया और खून की कमी से राहत पाने के लिए खाएं ये 15 चीजें

गलत खानपान और जीवनशैली की वजह से कई बीमारियों का खतरा होता है। ऐसी ही दो बीमारियां खून की कमी यानी एनीमिया और पीलिया भी है। खराब जीवनशैली की वजह से आजकल बहुत से लोग इन दो बीमारियों से पीड़ित रहते हैं। इनसे राहत पाने के लिए डाइट का ध्यान रखना जरूरी है।

पीलिया एक प्रकार की साधारण बीमारी है लेकिन इसका इलाज समय पर ना होने के कारण या गंभीर रूप ले लेती है। इसके होने पर त्वचा और आंखों का रंग पीला सा पड़ने लगता है। खून में पित्त रस की मात्रा बढ़ने लगती है और पीलिया बीमारी शरीर में जन्म ले लेती है।

यह रोग लीवर से संबंधित है। इससे पचाने में मुश्किल हो जाती है और शरीर में जहरीले पदार्थ उत्पन्न होने लगते हैं। इससे शरीर के खून का रंग पीला होने लगता है। हम आपको पीलिया से राहत पाने के कुछ घरेलू नुस्खे बता रहे हैं, जो आपको राहत दे सकते हैं।

पीलिया के लिए घरेलू उपचार और खाद्य पदार्थ
– एक गिलास पानी में थोड़ी साबुत धनिया के बीज रातभर भिगो कर रख दें। सुबह इस पानी को पी लें। रोजाना ऐसा करने से पीलिया ठीक होने में काफी मदद मिल सकती है।

– गाजर तथा गोभी का रस निकालकर दोनों को बराबर मात्रा में मिलाकर रोजाना पीने से पीलिया को ठीक किया जा सकता है।

– नीम के पत्तों को अच्छी तरह से धुलकर उन का रस निकालकर पीलिया से पीड़ित रोगी को रोजाना एक चम्मच रस पिलाने से पीलिया ठीक किया जा सकता है।

– गन्ने या गन्ने का जूस का सेवन रोजाना सुबह खाली पेट करने से पीलिया की बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है।

– एक कप पानी में एक चम्मच त्रिफला भिगो कर रखें दें। रात भर भिगोने के बाद सुबह इस पानी को छानकर खाली पेट पीने से काफी लाभ मिलता है। इसका सेवन लगभग 2 सप्ताह तक करें।

खून की कमी या एनीमिया के लिए क्या खाना चाहिए

पालक
कच्चे पालक के लगभग 3.5 औंस (100 ग्राम) में 2.7 मिलीग्राम आयरन होता है जो रोजाना की जरूरत का 15% है। हालांकि यह नॉन-हीम आयरन है, जो बहुत अच्छी तरह से अवशोषित नहीं होता है, पालक विटामिन सी में भी समृद्ध है क्योंकि विटामिन सी महत्वपूर्ण रूप से आयरन के अवशोषण को बढ़ाता है।

कलेजी
लिवर को आम भाषा में कलेजी कहा जाता है। एक 3.5-औंस (100-ग्राम) कलेजी में 6.5 मिलीग्राम आयरन होता है जोकि रोजाना की जरूरत का 36% है।

फलियां
फलियां, दाल, छोले, मटर और सोयाबीन के कुछ सबसे सामान्य प्रकार हैं। ये शाकाहारियों के लिए आयरन बड़ा स्रोत हैं। पकी हुई दाल के एक कप (198 ग्राम) में 6.6 मिलीग्राम आयरन होता है जो रोजाना की जरूरत का 37% होता है।

लाल मांस
लाल मांस में खूब आयरन पाया जाता है। 3.5-औंस (100-ग्राम) लाल मांस में 2.7 मिलीग्राम आयरन होता है जोकि रोजाना की जरूरत का 15% होता है। मांस प्रोटीन, जिंक, सेलेनियम और कई विटामिन का भी बेहतर स्रोत है।

कद्दू के बीज
कद्दू के बीज आयरन का बेहतर स्रोत हैं। 1-औंस (28-ग्राम) कद्दू के बीज में 2.5 मिलीग्राम आयरन होता है, जोकि रोजाना की जरूरत का 14% है। इसके अलावा, कद्दू के बीज विटामिन के, जिंक और मैंगनीज का एक अच्छा स्रोत हैं।

क्विनोआ
क्विनोआ एक लोकप्रिय अनाज है जिसे नाश्ते में खाया जाता है। पके हुए क्विनोआ का एक कप (185 ग्राम) में 2.8 मिलीग्राम आयरन होता है जोकि रोजाना की जरूरत का 16% है।

ब्रोकोली
ब्रोकोली एक पौष्टिक सब्जी है। पके हुए एक कप ब्रोकोली (156-ग्राम) में 1 मिलीग्राम आयरन होता है जोकि रोजाना की जरूरत का 6% है। ब्रोकोली की इतनी ही मात्रा में विटामिन सी भी पाया जाता है।

टोफू
टोफू एक सोया आधारित भोजन है जो शाकाहारियों और कुछ एशियाई देशों में लोकप्रिय है। एक आधा कप (126-ग्राम) टोफू में 3.4 मिलीग्राम आयरन होता है जोकि रोजाना की जरूरत का 19% है।

डार्क चॉकलेट
डार्क चॉकलेट भी आयरन का बेहतर स्रोत है। एक औंस (28-ग्राम) सेवारत में 3.4 मिलीग्राम आयरन होता है जोकि रोजाना की जरूरत का 19% है।

मछली
मछली को लाल मांस या अन्य मांस की तुलना में अधिक पौष्टिक माना गया है। ट्यूना जैसी कुछ किस्में विशेष रूप से आयरन का बेहतर स्रोत हैं। एक 3-औंस (85-ग्राम) डिब्बाबंद ट्यूना में लगभग 1.4 मिलीग्राम आयरन होता है जोकि रोजाना का जरूरत का 8% है।

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