क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़वाने के झांसे में ना आएं, खाली हो सकता है आपका बैंक अकाउंट

Cyber Crime Helpline: डिजिटल पेमेंट (Digital Payment) की दुनिया में साइबर ठग नए-नए झांसे देकर लोगों को चपत लगा रहे हैं. खास बात ये है कि आए दिन धोखेबाजी की नई-नई ट्रिक सामने आती है. ताजा मामला हरियाणा के पलवल शहर का है. यहां एक आदमी को क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर उसके खाते से 1.10 लाख रुपये हड़पने की घटना सामने आई है.

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पलवल के रहने वाले दीपक के पास एक फोन कॉल आई जिसमें दीपक को बताया गया कि उसके क्रेडिट कार्ड की लिमिट समाप्त हो रही है, इस लिमिट को वह बढ़वा सकते हैं. और सच में दीपक के क्रेडिट कार्ड की लिमिट खत्म हो रही थी, उसने पिछले दिनों लगभग 50,000 रुपये की शॉपिंग की थी. दीपक ने लिमिट बढ़ाने के लिए कह दिया. फोन करने वाले कहा कि उसके फोन नंबर पर एक ओटीपी आएगा उसे शेयर कर देना. दीपक कॉल करने वाले के कहे अनुसार करता गया और इस दौरान उसके बैंक खाते से तीन बार में 1.10 लाख रुपये कट गए. जब तक दीपक को कुछ समझ में आता, उसका बैंक अकाउंट खाली हो चुका था. पुलिस से साइबर क्राइम के तहत दीपक का मामला दर्ज कर लिया है.

 

यह घटना भले ही दीपक के साथ हुई हो, लेकिन सभी के लिए बड़ा सबक है. कभी क्रेडिट कार्ड (Credit Card Limit) के नाम पर तो कभी डेबिट कार्ड की एक्सपायरी के नाम पर आए दिन लोगों के साथ ठगी होती रहती है. कभी केवाईसी करने के बहाने तो कभी बैंक खाता अपडेट कराने के नाम पर लोगों को चूना लगाया जा रहा है.

WhatsApp से चोरी हो सकती है बैंक डिटेल
अक्सर देखने में आया है कि लोग बिना सोचे-समझे फौरन ही वॉट्सऐप पर आए लिंक और मैसेज पर क्लिक कर देते हैं. बिना सोचे-समझे किसी अनजान लिंक (Fake Links) पर क्लिक करना ही आपको भारी पड़ सकता है. इस तरह के लिंक पर क्लिक करने से आपके साथ फ्रॉड होने का मौक बढ़ जाता है. क्योंकि इस तरह के लिंक के माध्यम से आपकी सारी जानकारी स्कैम करने वालों के पास चली जाती है.

 

ऐसे रहें सजग
नए-नए ऐप को डाउनलोड करने से बचें. बहुत ज्यादा ऑफर या महंगे गिफ्ट वाले लिंक पर क्लिक ना करें. फालतू की वेबसाइट पर जाने से भी बचें. किसी भी थर्ड पार्टी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी जांच जरूर करें. किसी अनजाने लिंक पर जाते समय वेबसाइट यूआरएल अच्छी तरह से जांच लें.

Cyber Dost करता है अलर्ट
लोगों को साइबर क्राइम को लेकर जागरुक करने के लिए गृह मंत्रालय ने साइबर दोस्त (Cyber Dost) नाम से एक ऐप भी बनाया हुआ है. सरकार ने इस बार साइबर दोस्त के मार्फत एक नए खतरे को लेकर अलर्ट किया है. सरकार ने लोगों को ओटीपी फ्रॉड (OTP Fraud) को लेकर सतर्क किया है. सरकार का कहना है कि ओटीपी (OTP) को कॉल के द्वारा भी चुराया जा सकता है.

साइबर धोखाधड़ी के मामले में अपनी शिकायत cybercrime.gov.in पर दर्ज करें और हेल्पलाइन नंबर 155260 का उपयोग करें.

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