आणंद में रात में खाने-पीने की दुकानें बंद करने में पुलिस का भेदभावपूर्ण व्यवहार

आनंद सिटी में रात में खाने-पीने की दुकानों को बंद करने में पुलिस पर भेदभाव का आरोप है. इसके अलावा कुछ पुलिसकर्मियों ने सरकारी वाहन की जगह काली फिल्म और बिना नंबर प्लेट वाली स्विफ्ट कार लेकर गुजराती चौक समेत थाना क्षेत्र समेत कुछ खास इलाकों को ही निशाना बनाकर कारोबारियों में आक्रोश पैदा कर दिया है. अगर ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले दिनों में पुलिस द्वारा सत्ता के दुरूपयोग के खिलाफ घोर विरोध प्रदर्शन करने पर विचार किया जा रहा है.

आणंद शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा उचित कदम उठाए जाने पर किसी ने आपत्ति नहीं की। लेकिन पिछले एक-एक हफ्ते से पुलिस रात में आणंद स्टेशन से वाहनों को हटा रही है, पुराने थाना क्षेत्र, गुजराती चौक, महेंद्र शाह के अस्पताल के आसपास एक निश्चित क्षेत्र और इस्माइल नगर से लेकर इस्माइल नगर तक के इलाके में फूड स्टॉल और लॉरी को कथित रूप से बंद कर रही है। समरखा चौक.. सरकार ने पहले 24 घंटे कारोबार जारी रखने की अनुमति दी थी। आणंद शहर में उक्त क्षेत्रों में खाने-पीने का कारोबार बंद है, वहीं दूसरी ओर गणेश चौकड़ी से लेकर बोरसाड चौकड़ी व इसके आसपास के इलाकों और विद्यानगर रोड समेत कुछ अन्य इलाकों में खाने-पीने का कारोबार भी जोरों पर है. मध्यरात्रि। अगर रात में कारोबार बंद करने का नियम है तो ऐसा भेदभाव क्यों? इस तरह के सवाल भी उठाए गए हैं। बिना नंबर प्लेट वाली स्विफ्ट कारों और काले रंग की स्विफ्ट कारों का इस्तेमाल रात में दुकानों को बंद करने, पुलिस की शक्ति का दुरुपयोग करने और आम आदमी को परेशान करने वाले लोगों द्वारा किया जा रहा है, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है। जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग

उठ गया

पुलिस का दावा झूठे

ये आरोप झूठे हैं। पुलिस द्वारा रात में कारोबार बंद नहीं किया जाता है, लेकिन भीड़ जमा होने पर बाहर के लोगों को तितर-बितर करने की चेतावनी दी जाती है। इसके लिए पुलिस केवल सरकारी वाहनों का ही इस्तेमाल करती है।

वाई.आर. चौहान, पीआई, आनंद सिटी पुलिस

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