Maharashtra में बारिश से तबाही, कई गांव डूबे, हजारों यात्री फंसे; PM मोदी ने की CM उद्धव से बात

मुंबई: महाराष्ट्र कई जिलों में भारी बारिश (Hevay Rain) के चलते नदियां उफान पर हैं. भारी बारिश की वजह से कोंकण क्षेत्र की प्रमुख नदियां रत्नागिरि और रायगढ़ जिले में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और सरकारी अमला प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुटा है. बाढ़ के चलते कई गांवों का बाहरी दुनिया से संपर्क टूट गया है. वहीं ट्रेन सेवांए भी प्रभावित हुई हैं और करीब छह हजार यात्री फंस गए.

पीएम मोदी ने की सीएम उद्धव से बात

महाराष्ट्र में बाढ़ के हालात के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) से बात की. पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बात की. भारी बारिश और बाढ़ के मद्देनजर महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में स्थिति पर चर्चा की. स्थिति से निपटने के लिए केंद्र से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया. सभी की सुरक्षा और सलामती के लिए प्रार्थना.’

 

 

 

रेल और सड़क यातायात प्रभावित 

 

भारी बारिश की वजह से मुंबई सहित राज्य के कई अन्य हिस्सों में रेल और सड़क यातायात प्रभावित हुआ है. इसकी वजह से अधिकारियों को बचाव कार्य में प्रशासन की मदद के लिए NDRF टीम बुलानी पड़ी है. कोंकण रेलवे मार्ग प्रभावित होने की वजह से अबतक नौ रेलगाड़ियों का रूट बदला गया है या रद्द किया गया है या उनके रूट को छोटा किया गया है. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लगातार हो रही बारिश से कोंकण और रायगढ़ जिलों में उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की है.

IMD ने जारी किया अलर्ट

वहीं भारत मौसम विभाग (IMD) ने तटीय क्षेत्रों के लिए अगले तीन दिन तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सतर्क रहने और नदियों के जलस्तर पर नजर रखने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का निर्देश दिया है. जगबुड़ी, वशिष्ठी, कोडावली, शस्त्री, बाव समेत रत्नागिरी जिले की प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. इसके चलते खेड़, चिपलून, लांजा, राजापुर, संगमेश्वर कस्बे और आस-पास के इलाके प्रभावित हुए हैं और इन इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है.

हिल स्टेशन महाबलेश्वर में रिकॉर्ड बारिश

पड़ोसी रायगढ़ जिले में भी इसी प्रकार कुंडलिका, अंबा, सावित्री, पातालगंगा, गढ़ी, उल्हास सहित प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. इस बीच, सीएमओ ने कहा कि सतारा जिले के लोकप्रिय हिल स्टेशन महाबलेश्वर में बीते 24 घंटे में 480 मिमी बारिश हुई है, जिससे सावित्री और अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है. रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक बुधवार को रात सवा दस बजे मध्य रेलवे ने मुंबई से 120 किलोमीटर दूर कसारा के पास अंबरमाली स्टेशन के पास पटरियों पर बहुत ज्यादा पानी भर जाने और कसारा घाट पर पत्थर टूटकर गिरने की घटनाओं के बाद टिटवाला और इगतपुरी रेल खंड के बीच मध्य रेलवे ने ट्रैफिक सस्पेंड कर दिया.

संपर्क से कटे गांव, कई स्टेट हाईवे बंद 

वहीं कोल्हापुर जिले में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश से कई स्टेट हाईवे के कुछ हिस्सों पर पानी भरने की समस्या पैदा हो गई और इन्हें बंद करना पड़ा. अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार सुबह आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में पश्चिमी महाराष्ट्र के इस जिले में रिकॉर्ड स्तर पर 93 मिमी बारिश दर्ज की गई. डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट सेल ने बताया कि कोल्हापुर की पंचगंगा नदी में राजाराम बांध में जलस्तर ‘चेतावनी’ के स्तर को पार कर गया. उन्होंने बताया, ‘तीन जिला सड़कों को बंद करना पड़ा क्योंकि इसके कई हिस्से जलमग्न हो गए. कई ग्रामीण इलाकों में पुल के ऊपर से पानी बह रहा है और ऐसे में यहां यातायात गतिविधियां बंद हैं. जिले से गुजरने वाले कुछ स्टेट हाईवे पर भी यातायात प्रभावित है.’

एनडीआरएफ ने संभाला मोर्चा

एनडीआरएफ के मुताबिक 9 बचाव दलों को महाराष्ट्र भेजा गया है, जिनमें से दो कोल्हापुर जिले में भेजा गया है. इनमें से बाढ़ संभावित शिरोल तहसील में बचाव या एहतियाती तौर पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम करेंगे. वहीं अन्य दल कोल्हापुर शहर में बचाव कार्य के लिए तैनात रहेगा. मुंबई के पड़ोसी ठाणे और पालघर और कोंकण के कई जिलों में बीते कुछ दिनों से भारी बारिश जारी है. एनडीआरएफ की तरफ से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि उसकी चार टीमों को मुंबई, एक-एक टीम को ठाणे और पालघर जिलों में भी तैनात किया गया है. एक टीम रत्नागिरि के चिपलुन नगर में है.

 

ये गांव पानी में डूबे

ठाणे जिले के सहापुर तालुका के कुछ गांव डूब गए हैं और स्थानीय अधिकारी एनडीआरएफ की मदद से वहां फंसे सैककड़ों लोगों का निकालने की कोशिश कर रहे हैं. जलभराव के चलते ठाणे जिले के मुंब्रा, भिवंडी, टिटवाला और कसारा इलाकों से लोगों के फंसने की जानकारी मिली है. अधिकारियों ने बताया कि वसई, विरार और पालघर में अन्य स्थानों पर बाढ़ आई है लेकिन अब तक किसी की जान जाने की सूचना नहीं है.

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