क्रिस्टियानो रोनाल्डो का कौशल और तकनीक जबरदस्त है: पीवी सिंधु

नई दिल्ली: अनुभवी बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु जो आगामी टोक्यो ओलंपिक में भारत के पदक की उम्मीदों में से एक हैं, उन्होंने पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो की सराहना करते हुए कहा है कि रोनाल्डो का कौशल और तकनीक जबरदस्त है.

अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद वो विभिन्न खेलों में अपने पसंदीदा एथलीटों को खेलते हुए देखने के लिए समय निकालने की कोशिश करती हैं. उनमें से एक पुर्तगाली फुटबॉल के दिग्गज रोनाल्डो हैं, जिन्होंने हाल ही में यूरो 2020 में पांच गोल करके और एक गोल में सहयोग कर गोल्डन बूट जीता था.

रोनाल्डो फुटबॉल के महानतम स्टारों में से एक हैं. हाल ही में उन्हें 29 गोल करने के लिए सेरी ए में कैपोकैनोनियरे पुरस्कार से नवाजा गया था. ये खिताब इतालवी घरेलू लीग में सर्वोच्च गोल करने वाले खिलाड़ी को दिया जाता था. 36 वर्षीय फुटबॉलर की उपब्धियों की प्रशंसा करने के लिए सिंधु के पास कोई शब्द नहीं हैं.

उन्होंने टोक्यो के लिए उड़ान भरने से पहले ओलंपिक डॉट कॉम से कहा, मेरे पास उनकी प्रशंसा करने के लिए कोई शब्द नहीं हैं. जिस तरह से रोनाल्डो खेलते हैं, उनके पास जो कौशल और तकनीक है, वो जबरदस्त है.

सिंधु भी फुरसत में टेनिस देखना पसंद करती हैं और कोशिश करती हैं कि अगर सेरेना विलियम्स और रोजर फेडरर खेल रहे हों, तो वो उन्हें देखने से नहीं चूके. दोनों टेनिस दिग्गज एक दशक से अधिक समय से कोर्ट पर हावी हैं और सिंधु उनकी दृढ़ता और सच्चाई का अपने खेल में लाना चाहती हैं.

उन्होंने कहा, सेरेना का मानना है कि वह एक महिला और मां होने के बावजूद यह कर सकती है। उन्होंने असाधारण रूप से बहुत बेहतर प्रदर्शन किया है. वो एक मजबूत महिला हैं जबकि, फेडरर एक और दिग्गज हैं. उनकी उम्र में अब तक उस स्तर को बनाए रखना आसान नहीं है. वो वहां शीर्ष पर रहे हैं.

सिंधु 25 जुलाई को मुसाशिनो फॉरेस्ट स्पोर्ट प्लाजा के कोर्ट 2 में इजरायल की पोलिकारपोवा केन्सिया के खिलाफ अपने ओलंपिक अभियान की शुरूआत करेंगी.

सिंधु 2021 में शानदार फॉर्म में रही हैं और स्विस ओपन और ऑल इंग्लैंड ओपन में क्रमश: फाइनल और सेमीफाइनल में पहुंची हैं. मलेशियाई ओपन और सिंगापुर ओपन रद्द कर दिए गए थे, इसलिए मार्च के बाद से उन्होंने किसी टूर्नामेंट में भाग नहीं लिया. हालांकि, रियो 2016 ओलंपिक रजत पदक विजेता को भरोसा है कि इससे चार साल में होने वाले इस भव्य आयोजन में उनके अवसरों में कोई बाधा नहीं आएगी.

उन्होंने खुलासा किया, मैं समझती हूं कि बहुत से लोग कह रहे हैं कि हमें बहुत कम मैच खेलने का समय मिला. लेकिन, मुझे ऐसा नहीं लगता, क्योंकि हमने मैच खेलने जैसा परिदृश्य और स्थिति बना दी है. गचीबावली स्टेडियम लगभग जापान के स्टेडियम की तरह ही है. ये काफी बड़ा, एयर कंडीशनिंग, शटल नियंत्रण है. सुचित्रा अकादमी से अभ्यास के लिए लड़के हमारे पास मैच खेलने आते हैं. हम ऐसी स्थितियां पैदा कर देते हैं, जैसे ताई त्जु-यिंग या रत्चानोक (इंतानोन) खेलती हैं. मुझे बताने के लिए कोच और पिताजी वहां होते हैं, जो मुझे बताते हैं कि मैं क्या गलती कर रही हूं.

सिंधु के आदशरें के लिए 2021 का समय मुश्किल रहा है। रोनाल्डो यूरो 2020 में राउंड ऑफ 16 में बाहर हो गए. फेडरर विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में जबकि विलियम्स, अलिकसांद्रा सासनोविच के खिलाफ मुकाबले में चोटिल होने के बाद पहले दौर में बाहर हो गईं थीं. लेकिन, सिंधु टोक्यो 2020 में मुश्किल का सख्ती से सामना करेंगी. उन्हें रियो में रजत पदक के साथ समझौता करना पड़ा और अब पांच साल बाद बिना कैरोलिना मारिन का सामना किए वो गोल्ड से कम कुछ भी नहीं पाने का लक्ष्य बना रही हैं.

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