ब्रिटेन की एक स्वास्थ्य डेटा फर्म का अनुमान है कि चीन में हर दिन लगभग 9,000 लोग कोविड से मरते हैं। यह सब चीन द्वारा जीरो कोविड नीति को रद्द करने और प्रतिबंध हटाने के फैसले के बाद देखा गया है। स्वास्थ्य फर्म के अनुमान के अनुसार, दिसंबर तक 1.86 करोड़ कोविड मामलों के साथ मरने वालों की कुल संख्या कम से कम 1 लाख हो सकती है। यहां जनवरी के मध्य तक एक दिन में 37 लाख कोविड केस हो सकते हैं. वहीं, चीन में 23 जनवरी तक कुल 5,84,000 लोगों के मारे जाने का अनुमान है। लिहाजा इस स्थिति में लोग परेशान हैं और पहले भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर चुके हैं.

ये आंकड़े चीन द्वारा बताई गई स्थिति के विपरीत हैं। ऐसा इसलिए भी है, क्योंकि दूसरे देशों के विपरीत चीन न्यूक्लिक एसिड टेस्टिंग के जरिए संक्रमित लोगों की गिनती तभी करता है, जब कोरोना की वजह से उनकी सांस रुकने से मौत हो जाती है। कोरोना पॉजिटिव होने के 28 दिनों के अंदर मौत को छोड़कर कोविड से मौत मानी जाती है। चीन ने 30 दिसंबर को केवल एक मौत दर्ज की।

कोविड डेटा को लेकर हो रही आलोचना के बीच, चीनी अधिकारियों ने कोविड की स्थिति पर चर्चा करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अधिकारियों के साथ बैठक की। एक ऑनलाइन बैठक में, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चीन से अनुवांशिक अनुक्रमण अस्पताल में भर्ती, मृत्यु और टीकाकरण पर अधिक और सटीक डेटा प्रदान करने के लिए कहा।

चीन ने हमेशा अपनी कोविड संबंधी जानकारी को पारदर्शी और वैज्ञानिक बनाया है। इस बीच कनाडा और मोरक्को भी उन देशों की लंबी फेहरिस्त में शामिल हो गए हैं जो पहले से ही कोरोना रिपोर्ट निगेटिव दिखाने के बाद ही चीनी पर्यटकों को प्रवेश की इजाजत दे रहे हैं।