फोन हैकिंग मामले को लेकर कांग्रेस का राजभवन पर प्रदर्शन

रांची, 22 जुलाई (हि.स.)। फोन हैकिंग मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने गुरुवार को राजभवन के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस केन्द्र सरकार पर इजराइली स्पाइवेयर पेगासस के माध्यम से विपक्षी नेताओं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, सैन्य अधिकारियों सहित तमाम लोगों की फोन हैकिंग का आरोप लगा रही है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने जासूसी कांड की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच कराने के साथ केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफा देने की मांग की है।

गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रामेश्वर उरांव के नेतृत्व में कोरोना गाइडलाइन के तहत कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से कम कार्यकर्ताओं ने राजभवन के समक्ष प्रदर्शन किया। इस मौके पर उरांव ने कहा कि इजराइली स्पाइवेयर पेगासस के माध्यम से केंद्र सरकार का विरोधियों की निगरानी और फोन हैकिंग कराना असंवैधानिक एवं गैर कानूनी है। यह अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त शक्तियों पर भी अतिक्रमण है। उन्होंने कहा कि इस मामले को सुप्रीमो कोर्ट को स्वतः संज्ञान लेते हुए न्यायिक जांच का आदेश देना चाहिए। अन्य देशों में भी इस तरह के अनैतिक कार्यों की जांच की बात चल रही है। उन्होंने कहा कि यह जासूसी का काम केंद्र सरकार के इशारे पर ही संभव है। भाजपा नेतृत्व वाली केंद सरकार खुद को कमजोर पाकर विरोधियों की जासूसी में लगी है। उरांव ने दावा किया इसी के माध्यम से ही कर्नाटक और मध्य प्रदेश में सरकार तोड़ने काम किया गया है। जबकि इजरायली सरकार का स्पष्ट कहना है कि इसका इस्तेमाल केवल आतंकी एवं आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सिर्फ और सिर्फ सरकार को ही दिया जा सकता है।

 

इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि भाजपा और केंद्र सरकार अभी 50 हजार लोगों की जासूसी करा रही है। लेकिन आने वाले समय में इसकी संख्या बढ़कर 50 करोड़ भी हो सकती है। इस तरह का काम पीएमओ और केंद्रीय गृह मंत्रालय से सहमति मिले बिना संभव ही नहीं है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार ने लोकतांत्रिक मूल्यों पर बड़ा प्रहार किया है। इस भूल के लिए बिना विलंब किये केंद्र सरकार को माफी मांगनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए। कृषिमंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि इजराइली स्पाइवेयर पेगासस के माध्यम से अब बेडरूम से लेकर बाथरूम तक लोग सुरक्षित नहीं। लोकतांत्रिक मूल्यों के हनन के लिए देशव्यापी आंदोलन की गूंज केंद्र सरकार के कानों तक जरूर पहुंचेगी।

 

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रोशन लाल भाटिया, महिला कांग्रेस की राष्टीय महासचिव नेटा डिसूजा, कार्यकारी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, संजय पासवान, मानस सिन्हा, राजेश ठाकुर, प्रवक्ता आलोक कुमार दुबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव और राजेश गुप्ता सहित पार्टी के कई कार्यकर्ता मौजूद थे।

हिन्दुस्थान समाचार

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