MP में 18 महीने बाद खुले कॉलेज, छात्रों में दिखा उत्साह, लेकिन इस वजह से असमंजस की स्थिति

भोपालः कोरोना के चलते प्रदेश में लंबे समय से स्कूल-कॉलेज बंद थे. लेकिन अब धीरे-धीरे सब खुल रहा है. स्कूल पहले ही खोले जा चुके हैं. वहीं आज से प्रदेश में कॉलेज भी खुल गए. देश में करीब 18 महीने बाद से कॉलेज और महाविद्यालय खुले है. एक तरह जहां कॉलेज खुलने पर विद्यर्थियों में खासा उत्साह देखा गया, तो दूसरी तरफ गाइडलाइन को लेकर लापरवाही भी दिखी.

कोरोना प्रोटोकॉल का करना होगा पालन 
दरअसल, राजधानी के कॉलेजों में लबे समय बाद अच्छी संख्या में छात्र पहुंचे. लेकिन इस दौरान छात्र कोविड नियमों को लेकर पशोपेश में भी नजर आए. क्योंकि छात्र मास्क और सैनिटाइजर तो लेकर पहुंचे थे. लेकिन कई छात्र नियमों को लेकर असमंजस में थे. क्योंकि छात्रों को कॉलेज आने से पहले अभिभावकों के सहमति पत्र और वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट दिखाने के लिए कहा गया था. लेकिन अधिकतर छात्र-छात्राओं के पास  वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट और न ही अभिभावकों के सहमति पत्र थे.

 

वहीं कॉलेज में एंट्री से पहले कोरोना प्रोटोकॉल को लेकर तैयार दिखे कॉलेजों में एंट्री से पहले टेंपरेचर चेक किया जा रहा है. साथ ही मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिग का पालन करने की हिदायत भी दी जा रही है. दरअसल, प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने कहा पहले ही बता दिया था कि प्रदेश के विश्वविद्यालय और महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियां बुधवार से स्टूडेंट्स की उपस्थिति के साथ प्रारंभ होंगी. लेकिन इस दौरान कोविड नियमों का पालन करना बहुत जरूरी होगा.

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव के मुताबिक प्रदेश के सभी शासकीय व अशासकीय महाविद्यालय, विश्वविद्यालय 15 सितंबर से खोल दिए जाएंगे. हालांकि कॉलेजों में अभी सिर्फ उन्हीं छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा, जो कोविड-19 वैक्सीन की कम से कम एक डोज ले चुके हैं. वहीं, कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव हो  सके, इसलिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संस्थानों के प्रमुखों को स्वायत्ता दी गयी है कि वे महामारी की स्थानीय स्थिति के अनुसार फिजिकल क्लासेस के आयोजन को लेकर कोई भी निर्णय ले सकते हैं. इसके अलावा बच्चों का नुकसान न हो इसलिए कॉलेजों को पहले की तरह ही ऑनलाइन क्लासेज जारी रखनी होगी.

वैक्सीन का प्रमाण पत्र अनिवार्य
बता दें कि शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक स्टाफ की शत-प्रतिशत उपस्थिति होगी. विद्यार्थियों को कोविड-19 वैक्सीन के पहले डोज का प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होगा. इसके बाद ही कक्षाओं में बैठने की मंजूरी मिलेगी. साथ ही विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए लाइब्रेरी भी खोली जाएगी. यहां अध्ययन कक्ष की कुल क्षमता 50 फीसदी होगी. विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रावास चरणबद्ध तरीके से खोले जाएंगे.

 

कॉलेज खोलने से पहले उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किये है ये निर्देश 

  • छात्रावास में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक
  • छात्रावास परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग सैनिटाइजेशन एवं सभी विद्यार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने के आदेश.
  • डाइनिंग हॉल रसोई स्नानागार शौचालय की स्वच्छता की सतत निगरानी होगी.
  • छात्रावास में विद्यार्थियों और स्थानीय स्टाफ को छोड़कर भाई लोगों का को प्रवेश नहीं दिया जाएगा.
  • विद्यार्थियों की घोषणा पत्र एवं माता-पिता या अभिभावकों की लिखित सहमति के आधार पर ही विद्यार्थियों को छात्रावास में प्रवेश दिया जाएगा.
  • भोजन कक्ष में विद्यार्थियों को छोटी-छोटी बैच में भोजन उपलब्ध कराया जाएगा.
  • भोजन बनाने और खाना परोसने वाले स्टाफ को फेस कवर मास्क का उपयोग हाथों को सैनिटाइज करना अनिवार्य होगा.

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