एशिया-प्रशांत में चीन की विस्तारवादी नीतियों ने बढ़ाई चिंता:जापानी पीएम योशिहिदे सुगा जल्द भारत आ सकते हैं, चीन पर मोदी से चर्चा की उम्मीद

 

अप्रैल के अंत में भारत दौरे पर आ सकते हैं जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar

अप्रैल के अंत में भारत दौरे पर आ सकते हैं जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा। (फाइल फोटो)

  • 16 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन से मिलेंगे जापानी पीएम सुगा

जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा अप्रैल के अंत में भारत दौरे पर आ सकते हैं। इस दौरान वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर सकते हैं। दोनों देशों के बीच चीन की आक्रामक विस्तारवादी नीतियों को लेकर चर्चा हो सकती है क्योंकि चीन की यह हरकत क्षेत्र की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। ऐसे में यह बातचीत का प्रमुख मुद्दा हो सकता है।

दरअसल, पीएम सुगा 16 अप्रैल को अमेरिका जा रहे हैं, जहां वे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से मुलाकात करेंगे। वे व्हाइट हाउस में नए राष्ट्रपति से मिलने वाले पहले विदेशी राष्ट्र प्रमुख या बड़े नेता होंगे। वहां भी एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन की वजह से पैदा होने वाले अस्थिरता के खतरे पर चर्चा की उम्मीद है। जापान सरकार के सूत्रों के मुताबिक अमेरिका से लौटने के तुरंत बाद सुगा फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते से मुलाकात करेंगे और उसके बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने दिल्ली पहुंचेगे।

हालांकि कोरोना महामारी के चलते पैदा हुए हालातों की वजह से इसकी तारीख अभी तय नहीं की गई है। इस पर भारत-जापान संबंधों के विशेषज्ञ और तोकाई यूनिवर्सिटी से रिटायर्ड प्रो. कुमाओ कनेको कहते हैं- ‘भारत और जापान के बीच बातचीत में चीन ही मुख्य मुद्दा होना तय है और दोनों देश आश्वस्त होना चाहेंगे कि चीन के खिलाफ वे एकजुट रहे। यह दोनों ही देशों के लिए एकमात्र महत्वपूर्ण मुद्दा है क्योंकि दोनों का ही क्षेत्राधिकार को लेकर चीन के साथ विवाद चल रहा है।’

हाल के वर्षों में चीन ने जापान के ओकिनावा क्षेत्र में पूर्वी चीन सागर में मौजूद सेनकाकू आइलैंड पर दावा किया है, जबकि जापान इसे अपना इलाका बताता है। चीन के कोस्टगार्ड के जहाज अक्सर इस इलाके में घुसपैठ या निगरानी करते रहते हैं। कई बार तो वे जापान के इलाके में भी घुस आते हैं, जो जापान के लिए चिंता पैदा करने वाला है।

इसकी एक बड़ी वजह यह भी है कि चीन ने हाल ही में कानून में बदलाव कर सरकारी जहाजों को चीन की समुद्री सीमा में दिखने वाले विदेशी जहाजों पर गोलीबार का अधिकार दिया है। इससे सेनकाकू द्वीप में तनाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि चीन के हमला करने की स्थिति में अमेरिका लगातार जापान को सैन्य मदद की बात कहता रहा है। नई सरकार भी इसी बात पर कायम है। दूसरी तरफ, भारत भी लगातार चीन की घुसपैठ से जूझ रहा है।

इसे लेकर कई बार सीमा पर झड़प भी हुई है। सिक्किम और तिब्बत सीमा के अलावा हाल ही में लद्दाख की पैगॉन्ग झील के पास हुआ विवाद इसके ताजा उदाहरण हैं। इनके अलावा क्षेत्राधिकार को लेकर चीन का फिलीपींस, वियतनाम और मलेशिया से भी विवाद चल रहा है।

इनके अलावा जापान और अमेरिका क्वॉड्रीलैटरल सिक्योरिटी डायलॉग (क्वॉड) के महत्वपूर्ण सदस्य हैं। इसे भारत और ऑस्ट्रेलिया ने बनाया है। सुगा इसे और मजबूत करने की बात कर सकते हैं। हालांकि दोनों देशों के नेताओं के बीच चर्चा का प्रमुख मुद्दा चीन ही रहेगा।

 

खबरें और भी हैं…

Check Also

China Mars Mission: मंगल की सतह पर पहुंचा Zhurong Rover, लाल ग्रह के बारे में मिलेंगी महत्वपूर्ण जानकारी

बीजिंग: चीन (China) ने अंतरिक्ष में बड़ी सफलता हासिल की है. उसके जुरोंग रोवर (Zhurong Rover) …