प्रोजेक्ट्स निर्माण के दौरान इंटिग्रेटेड प्लान के साथ कार्य करें : मुख्य सचिव

देहरादून, 02 फरवरी (हि.स.)। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में राज्य में परियोजनाओं के निर्माण के संदर्भ में संसाधनों के अपव्यय को समाप्त करने को लेकर संबंधित अधिकारियों को सभी प्रोजेक्ट्स के निर्माण के दौरान इंटिग्रेटेड प्लान के साथ कार्य करने की सख्त निर्देश दिये। हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास की दृष्टि से राज्य में नए निर्माणों से भी अधिक वर्तमान अस्पतालों, स्वास्थ्य सुविधाओं और सेवाओं को मजबूत करने और सुधारने की जरूरत पर जोर दिया।

शुक्रवार को सचिवालय में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने 5 महत्वपूर्ण परियोजनाओं की ईएफसी (व्यय वित्त समिति) की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के विकास के दौरान मानव संसाधन, भवन, उपकरणों और प्रोजेक्ट्स के आउटकम पर एकीकृत समझ के साथ कार्य किया जाए। गोपेश्वर और रूड़की के जिला अस्पताल में बनने वाले 50 बैड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने इस संबंध में संसाधनों के अपव्यय को रोकते हुए वर्तमान स्वास्थ्य सेवाओं को तत्परता से सुधारने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य क्षेत्र में वर्तमान स्वास्थ्य व चिकित्सा संसाधनों के अधिकतम उपयोग की सख्त नसीहत स्वास्थ्य विभाग को दी है। इसके साथ ही उन्होंने सभी अस्पतालों में सोलर पैनल व रैन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य करने की बात कही।

मुख्य सचिव ने मानसखण्ड योजना के तहत नैनीताल में मां नयना देवी मन्दिर के सौन्दर्यीकरण एवं सुधारीकरण की समीक्षा करते हुए यहां पर पार्किंग के विस्तारीकरण, मंदिर के निकट फ्रीजिंग जोन बनाने तथा योजनाबद्ध विकास कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग की ओर से बताया गया कि 1101.62 लाख रुपये की लागत से संचालित होने वाले इस प्रोजेक्ट के तहत 1 वर्ष के भीतर मंदिर परिसर के विकास और सौन्दर्यीकरण, यूटिलिटि शिफिटंग, मंदिर परिसर के समीप पार्किंग स्थल को स्टैक पार्किंग में बदलकर उच्चीकृत किया जाएगा। इसमें मंदिर परिसर के आस पास की दुकानों का रिसेटलमेंट तथा पैदल पथ का सौन्दर्यीकरण भी किया जाना है।

मुख्य सचिव ने मानसखण्ड योजना के तहत चम्पावत में देवीधूरा बाराही देवी मंदिर के सौन्दर्यीकरण की समीक्षा करते हुए मन्दिर निर्माण, परिक्रमा मार्ग, प्रवेश द्वार, गहरवालखाम एवं आन्तरिक विद्युतीकरण के कार्य को निर्धारित समय सीमा पर पूरा करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग की ओर से बताया गया कि 18 माह में पूरा होने वाले इस प्रोजेक्ट की लागत 1253.28 लाख रुपये है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने ऋषिकेश शहर के तहत मुनि की रेति, ढालवाला तथा तपोवन क्षेत्र के ड्रेनेज प्लान (जल निकासी) को जल्द पूरा करने निर्देश सिंचाई विभाग को दिए।

बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंदवर्धन, सचिव डॉ. आर राजेश कुमार, सचिन कुर्वे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।