उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ हुआ छठ महापर्व

हरिद्वार, 20 नवंबर (हि.स.)। धर्मनगरी में चार दिनों से चला आ रहा छठ महापर्व आज उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ हो गया। उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के लिए हरकी पैड़ी समेत गंगा के तमाम घाटों पर व्रतधारियों की भारी भीड़ रही। गंगा के तटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।

सूर्योदय से बहुत पहले ही उत्साही व्रती हर की पैड़ी पर पहुंच गए थे। जैसे ही आसमान में सूर्य की लालिमा नजर आई, छठी मैया की जय और सूर्यदेव के जयकारों से हर की पैड़ी समेत गंगा के तमाम घाट गुंजायमान हो उठे। भारी संख्या में छठ व्रतियों ने अपने परिवार के साथ उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। अर्घ्य देने के साथ व्रतधारियों ने परिवार, देश और समाज की सुख, समृद्धि और कुशलता की कामना की। इसी के साथ सूर्य उपासना के लिए प्रसिद्ध चार दिवसीय छठ महापर्व हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो गया।

हर साल छठ की पूजा के लिए हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर इंतजाम किए जाते हैं। हरकी पैड़ी को हरिद्वार का हृदय स्थल कहा जाता है। हर व्रत और त्योहार पर हरकी पैड़ी पर गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है। छठ महापर्व पर हर की पैड़ी पर पैर रखने की जगह तक नहीं बची। छठ पूर्वांचल खासकर बिहार और झारखंड का महापर्व है।

ये सूर्य उपासना का चार दिवसीय महापर्व है। छठ महापर्व उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न होता है। छठ पर व्रती अपने परिवार के साथ गंगा घाटों पर पहुंचकर उगते सूर्य को अर्घ्य देते हैं। सूर्यदेव और छठ माता से अपनी संतति के सुखी और समृद्ध जीवन की कामना करते हैं। परिवार की सुख और शांति की कामना की जाती है।

गौरतलब है कि बीती शाम को अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य दिया गया था। हरकी पैड़ी पर छठ व्रतियों ने पूजा पाठ करते हुए सूर्यदेव को अर्घ्य देकर घर-परिवार और देश-समाज की सुख, समृद्धि की कामना की थी।