चंडीगढ़ प्रशासक पुरोहित पहुंचे डंपिंग ग्राउंड:कहा- महीने बाद फिर आउंगा, डेवलपमेंट दिखनी चाहिए; दौरे से पहले ही अफसरों ने चमकाए रास्ते

चंडीगढ़ में डंपिंग ग्राउंड का दौरा करते प्रशासक बीएल पुरोहित। - Dainik Bhaskar

चंडीगढ़ में डंपिंग ग्राउंड का दौरा करते प्रशासक बीएल पुरोहित।

चंडीगढ़ के प्रशासक बीएल पुरोहित शुक्रवार को सेक्टर 38 स्थित डंपिंग ग्राउंड देखने पहुंचे। उनके साथ नवनिर्वाचित मेयर सर्बजीत कौर भी थीं। प्रशासक के आने की सूचना मिलते ही अफसरों ने डंप के रास्ते चमका दिए थे। इसके अलावा अफसरों ने बैठने के लिए टेंट-कुर्सियों के भी इंतजाम किए थे।

प्रशासक ने डंपिंग ग्रांउड के पीछे वाले गेट से एंट्री करके उसका निरीक्षण किया और बाद में प्रोसेसिंग प्लांट में जाकर अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि वह अगले महीने फिर विजिट करेगें। डेवलपमेंट नजर आनी चाहिए। इस विषय को लेकर उन्होंने जल्द मीटिंग बुलाने की बात भी कही।

प्रशासक के दौरे को लेकर की गई तैयारियां

प्रशासक के दौरे को लेकर की गई तैयारियां

प्रशासक की पहली विजिट

चंडीगढ़ का प्रशासक बनने के बाद बीएल पुरोहित की डंपिंग ग्राउंड पर यह पहली विजिट थी। इस दौरान नगर निगम मेयर सर्बजीत कौर, सीनियर डिप्टी मेयर दिलीप कुमार, निगम कमिश्नर अनंदिता मित्रा समेत निगम और प्रशासन के बड़े अधिकारी पहुंचे हुए थे।

वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के चुने हुए पार्षद भी इस विजिट के दौरान यहां अपनी मांग प्रशासक तक पहुंचाने के लिए पहुंच गए थे। इस दौरान प्रशासक ने काफी समय इस अहम मुद्दे को लेकर निगम कमिश्नर सर्बजीत कौर तथा कमिश्नर से बात भी की।

डंपिंग ग्राउंड पर मेयर सर्बजीत कौर और सीनियर डिप्टी मेयर दिलीप शर्मा से चर्चा करते प्रशासक बीएल पुरोहित

डंपिंग ग्राउंड पर मेयर सर्बजीत कौर और सीनियर डिप्टी मेयर दिलीप शर्मा से चर्चा करते प्रशासक बीएल पुरोहित

फंड की कमी नहीं, जल्दी हटाएं डंप

प्रशासक ने निगम अफसरों को कहा कि जल्द ही इस समस्या को खत्म किया जाना चाहिए। डंपिंग ग्रांउड के पहाड़ को हटाने को लेकर फंड की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। इस समस्या को खत्म करने के लिए निगम और प्रशासन को मिल कर काम करना होगा।

आम आदमी पार्टी पार्षदों ने भी रखी मांगें

प्रशासक की विजिट के दौरान आम आदमी पार्टी की वार्ड नंबर 18 से पार्षद तरुणा मेहता, वार्ड नंबर 23 से प्रेमलता और अन्य पार्षद भी पहुंचे हुए थे। हालांकि वह खुल कर सीधे डंपिंग ग्राउंड को लेकर अपनी मांगें प्रशासक के समक्ष नहीं रख पाए।

उन्होंने बताया कि डंपिंग ग्राउंड के चारों तरफ की दीवारें बड़ी की जा रही हैं। मगर अंदर से कूड़े की दुर्गंध दूर करने के लिए प्रयास नहीं हो रहे। उन्होंने मांग रखी की इस गंदगी से स्थानीय निवासियों को होने वाली बीमारियों के लिए यहां मेडिकल कैंप लगाए जाने चाहिएं। इसके अलावा डिस्पेंसरियों में भी उचित सुविधाएं मुहैया करवाई जानी चाहिएं। यहां से कूड़ा उठा कर फैक्ट्री लगाई जानी चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके।

कमेटी बोली: दौरे होते रहते हैं, लेकिन समस्या हल नहीं होती

डंपिंग ग्राउंड जॉइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष दयाल कृष्ण ने कहा कि अफसरों के ऐसे दौरे पहले भी होते रहे हैं लेकिन समस्या हल नहीं होती। ग्राउंड के बाहर 15 फुट की दीवार तो खड़ी कर दी गई, लेकिन अंदर लगे कूड़े के ढ़ेर का कोई समाधान नहीं किया। अफसरों को आसपास रहने वाले लोगों की समस्या भी सुननी चाहिए।

 

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