केंद्रीय सरना समिति ने राजभवन के समक्ष दिया धरना

रांची, 21 नवम्बर (हि.स.)। केंद्रीय सरना समिति एवं अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद ने पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में महापौर के पद एसटी से हटाकर एससी करने के विरोध में राजभवन के समक्ष सोमवार को एक दिवसीय धरना दिया। साथ ही राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया।

मौके पर केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष फुलचंद तिर्की ने कहा कि पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में चुनाव कराना ही असंवैधानिक है। झारखंड में 14 जिले अनुसूचित क्षेत्र घोषित किए गए हैं। पांचवीं अनुसूची क्षेत्र आदिवासियों के लिए सुरक्षित किया गया है। इसमें सामान्य कानून लागू नहीं होता है। पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में आदिवासी ही व्यवसाय कर सकता है। आदिवासी नौकरी पेसा कर सकता है। ग्राम सभा के माध्यम से अपना कानून बना सकता है, लेकिन पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों में चुनाव कर सरकार चलायी जा रही है। जब सरकार चुनाव करना ही चाहती है तो आदिवासियों के अधिकारों की अनदेखी क्यों कर रही है। महापौर के एकल पद आदिवासी के लिए से सुरक्षित किया गया था लेकिन राज्य सरकार इसको भी हटाकर आदिवासी को ठगने का काम कर रही है। यदि सरकार निकाय चुनाव नियमावली में संशोधन कर अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित नहीं करती है तो आदिवासी अनुसूचित क्षेत्रों में चुनाव बहिष्कार करेंगे। साथ ही जोरदार आंदोलन करेंगे।

मौके पर केंद्रीय सरना समिति के संरक्षक भुवनेश्वर लोहरा, अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष सत्यनारायण लकड़ा, विमल कच्छप महिला शाखा अध्यक्ष नीरा टोप्पो, सहाय तिर्की सहित अन्य उपस्थित थे।

Check Also

कोरबा : चैतमा पुलिस की निजात अभियान के तहत अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान जारी

कोरबा, 30 नवम्बर (हि.स.) । पुलिस अधीक्षक कोरबा संतोष सिंह (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोरबा …