आरटीआई कानून के तहत जानकारी देने के लिए भी सीबीआई बाध्य

नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है. हाई कोर्ट ने कहा है कि सीबीआई भी आरटीआई कानून के तहत जानकारी देने के लिए बाध्य है. आरटीआई कानून में जानकारी न देने के प्रावधान में सीबीआई को पूरी आजादी नहीं दी गई है. और इसलिए सीबीआई आरटीआई के तहत भ्रष्टाचार और मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़ी जानकारी देने से इनकार नहीं कर सकती.

दिल्ली हाई कोर्ट के जज सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा कि आरटीआई एक्ट में सीबीआई का जिक्र है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सीबीआई को जानकारी देने से बचने की इजाजत मिल जाए. आईएफएस अधिकारी संजय चतुवेर्दी ने सीबीआई से कुछ जानकारी मांगी, समय बीतने के बावजूद सीबीआई की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई. जिसके बाद संजय चतुवेर्दी ने केंद्रीय सूचना आयोग में अपील की, सूचना आयोग ने सीबीआई को संजय चतुवेर्दी को जानकारी मुहैया कराने का आदेश दिया. इस आदेश को सीबीआई ने दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. 

सीबीआई की अपील पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने एजेंसी से कहा कि आरटीआई कानून के तहत, सीबीआई कुछ जांचों के तहत संवेदनशील जानकारी का खुलासा करने से इनकार कर सकती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सीबीआई सभी प्रकार की जानकारी देने के लिए बाध्य नहीं है। बाद में हाई कोर्ट ने सीबीआई से याचिकाकर्ता चतुर्वेदी को जानकारी मुहैया कराने को कहा. चतुर्वेदी ने एम्स के जय प्रकाश एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में चिकित्सा भ्रष्टाचार के आरोपों पर जानकारी मांगी थी। इस मामले की जांच सीबीआई ने की थी.