रूपा तिर्की मौत मामले में मुख्यमंत्री के करीबी पंकज मिश्रा से सीबीआई ने की पूछताछ

रांची, 25 नवम्बर (हि.स.)। साहिबगंज की महिला थाना प्रभारी रूपा तिर्की मौत मामले में सीबीआई ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गुरुवार को साहिबगंज में सीबीआइ टीम ने पंकज मिश्रा से पूछताछ की। पंकज मिश्रा से दोपहर 12 बजे तक पूछताछ की गयी। उनसे क्या पूछताछ हुई । इस बारे में सीबीआई ने कोई भी जानकारी नहीं दी।

 

पंकज मिश्रा को पूछताछ के बाद जाने दिया गया। बताया जा रहा है कि रूपा की मां ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा और दो बैचमेट महिला दारोगा पर गंभीर आरोप लगाये थे। यह आरोप लिखित में है। इस आरोप पर सीबीआइ ने पंकज मिश्रा को बुला कर पूछताछ की। उल्लेखनीय है कि बीते बुधवार को सीबीआई की टीम साहिबगंज मंडलकारा पहुंचकर रूपा के कथित बॉयफ्रेंड और बैचमैट पुलिस अवर निरीक्षक शिव कुमार कनौजिया से लंबी पूछताछ की थी।

सीबीआई ने साहिबगंज के स्पेशल जज और जिला जज प्रथम के न्यायालय में मंगलवार को आवेदन देकर जिरवाबाड़ी ओपी कांड संख्या 127/2021 एवं भादवि की धारा 306 के मामले में जेल में बंद शिवकुमार कनौजिया का बयान कलमबंद करने को लेकर आवेदन दिया था। जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया था। इस बीच सीबीआई ने शिव कनौजिया से जेल ऑफिस में पूछताछ की थी।

जिरवाबाड़ी ओपी में बैचमेट शिव कुमार कनौजिया के खिलाफ रूपा तिर्की को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस मामले में उसे बीते नौ मई को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

उल्लेखनीय है कि बीते तीन मई को पुलिस लाइन स्थित गंगा भवन सरकारी क्वार्टर यूएस एक में संदिग्ध अवस्था में रूपा तिर्की का शव बरामद हुआ था। सीबीआई के द्वारा इस केस से जुड़े छह से अधिक लोगों को चिन्हित कर उनके क्वार्टर के आसपास के लोगों से पूछताछ की गयी थी। मालूम हो कि रूपा तिर्की मौत मामले में एक सितंबर को झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने सीबीआई को अविलंब केस लेकर जांच करने का निर्देश दिया था। सीबीआई इस मामले में कांड दर्ज कर अनुसंधान कर रही है।

दूसरी ओर सीबीआई ने रूपा तिर्की मौत मामले में जांच अधिकारी को भी बदल दिया है। पूर्व में डीएसपी पी गैरोला को जांच की जिम्मेदारी दी गयी थी इंस्पेक्टर जीके अंशु और अन्य पदाधिकारी उनकी जांच टीम में शामिल थे। अब इंस्पेक्टर जीके अंशु ही मामले की जांच करेंगे। बताया जाता है कि पी गैरोला पूर्व में सीबीआई के दिल्ली आफिस में कार्यरत थे। इसी साल उनका तबादला पटना किया गया था। उन्हें दुबारा दिल्ली भेज दिया गया है।

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