अभ्यर्थियों ने पूछा, दारोगा भर्ती में दो रोल नंबर क्यों?:अभ्यर्थियों का आरोप- दारोगा भर्ती सीट बेचने की तैयारी, OMR की कॉपी और पेपर की मांग

बिहार में वैंकेसी पर बवाल मचा है। एक तरफ 53 हजार से अधिक छात्र बीते साढ़े 7 साल से BSSC (बिहार कर्मचारी चयन आयोग) प्रथम इंटर स्तरीय बहाली को लेकर हंगाम कर रहे हैं तो दूसरी तरफ लगभग साढ़े 6 लाख दारोगा भर्ती के अभ्यर्थी परीक्षा में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि सरकार छात्रों से छल कर रही है और यह बिहार के भविष्य के लिए खतरे की घंटी है।

राष्ट्रीय छात्र एकता मंच के अध्यक्ष दिलीप कुमार का आरोप है, ‘इस बार भी सीट बेचने की तैयारी चल रही है। खुलेआम धांधली कर सीट को बेचा जाता है। 2,446 दारोगा भर्ती में भी जमकर गुंडागर्दी की गई। PT में पेपर लीक हुआ और मेंस में लगातार एक ही सीरियल नंबर के कई छात्र पास कर दिए गए। फिजिकल में एडमिट कार्ड जारी करने के बाद उनका फिजिकल नहीं लिया गया। कट ऑफ से अधिक मार्क लाने वाले हजारों कैंडिडेट्स का चयन नहीं हुआ।’

उनका कहना है, ‘OMR शीट में छेड़छाड़ कर ऐसा किया जा रहा है। इस बार भी ऐसी ही धांधली की आशंका है। इस कारण से पारदर्शिता की मांग की जा रही है। हमारी मांग है कि OMR शीट की कार्बन कॉपी और पेपर दिया जाए। पैसा लेकर OMR शीट में धांधली की जाती है। इस कारण से OMR की कॉपी और पेपर चाहिए। इस बार 2,213 दारोगा बहाली में धांधली हुई तो बड़ा आंदोलन होगा।’

बिहार पुलिस रिजल्ट की मांग को लेकर परीक्षार्थी द्वारा शेयर किया गया मीम।

बिहार पुलिस रिजल्ट की मांग को लेकर परीक्षार्थी द्वारा शेयर किया गया मीम।

दोहरे रोल नंबर की व्यवस्था खत्म करने की मांग

न्यायालय ने भी माना है कि दारोगा बहाली में धांधली हुई है, ऐसे में इस बार पारदर्शिता के लिए BPSSC (Bihar Police Staff Selection Commission) अगर पारदर्शिता को लेकर छात्रों की जायज मांगों को नहीं मानती है तो राष्ट्रीय छात्र एकता मंच के अध्यक्ष दिलीप कुमार के नेतृत्व में लाखों छात्र बिहार में बड़े आंदोलन को बाध्य होंगे।

उनका सवाल है कि PT का रोल नंबर और मेंस का रोल नंबर अलग क्यों रहता है। देश की हर परीक्षा में एक ही रोल नंबर होता है, लेकिन दारोगा बहाली में ऐसा क्यों किया जाता है। आरोप है कि ऐसा इसलिए किया जाता है कि PT फेल वालों को भी मेंस में बैठा दिया जाए। किसी को इस खेल का पता ही नहीं चल पाता है। दारोगा बहाली में रोल नंबर एक ही होना चाहिए। सेंटर को लेकर भी गृह जिला से हटाने की मांग की जा रही है। पारदर्शिता को लेकर अगर ऐसी मांगों को नहीं माना गया तो छात्रों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

'रोता हुआ युवा, बर्बाद होती जवानी' का बोर्ड लगा ट्वीट शेयर किए परीक्षार्थी दिलीप कुमार।

‘रोता हुआ युवा, बर्बाद होती जवानी’ का बोर्ड लगा ट्वीट शेयर किए परीक्षार्थी दिलीप कुमार।

2014 से 53 हजार छात्रों को रिजल्ट का इंतजार

2014 में BSSC प्रथम इंटर स्तरीय बहाली निकाली गई थी। अब राज्य के 53 हजार से अधिक छात्र इस बहाली के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। बिहार में नौकरी का यह हाल है कि साढ़े 7 साल में भी वैकेंसी पूरी नहीं हो पाई है। छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है।

राष्ट्रीय छात्र एकता मंच के अध्यक्ष दिलीप कुमार ने कहा, ’15 नवंबर के आंदोलन के बाद BSSC की ओर से फर्जी लेटर वायरल करा दिया गया कि 2 दिसंबर से काउंसिलिंग होगी, लेकिन अभी तक काउंसिलिंग के लिए कोई रैंक लिस्ट तक जारी नहीं की गई है।’

कुंभकरण का तस्वीर शेयर कर रिजल्ट जारी करने की अपील करते परीक्षार्थी।

कुंभकरण का तस्वीर शेयर कर रिजल्ट जारी करने की अपील करते परीक्षार्थी।

छात्रों में बढ़ता जा रहा आक्रोश

प्रियंका पटेल का कहना है, ‘आयोग भर्ती नहीं की जा रही है। BSSC सुस्ती दिखाएगी तो हम स्टूडेंट्स हैं, हम शांत रहने वाले नहीं हैं। हम आंदोलन के लिए तैयार हैं, हमारी मांगों को हर हाल में पूरा करना होगा।’

राजेश कुमार का कहना है, ‘साढ़े 7 साल से भर्ती फंसाया गया है। BSSC की बहाली से त्रस्त हैं, मांग कर रहे हैं, आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।’ काजल का कहना है, ‘सरकार से मांग है कि बहाली की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जाए, नहीं तो आंदोलन बड़ा और खतरनाक होगा।’

सुजीत का कहना है, ‘बहाली में साढ़े 7 साल कैसे हो गया समझ में नहीं आ रहा है। आयोग और सरकार से मांग है कि बहाली जल्दी पूरी की जाए।’

 

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