कलकत्ता विश्वविद्यालय में परीक्षा ऑनलाइन या ऑफलाइन, फैसला सुरक्षित

कोलकाता, 21 जून (हि.स.)। कलकत्ता विश्वविद्यालय में परीक्षा ऑनलाइन होगी या ऑफलाइन, इसे लेकर दाखिल हुई जनहित याचिका पर सुनवाई मंगलवार को पूरी हो गई है। न्यायमूर्ति सुब्रत तालुकदार और लपिता बनर्जी की खंडपीठ ने फिलहाल इस पर फैसला सुरक्षित कर लिया है। इसके पहले ऐसे ही एक मामले को न्यायमूर्ति कौशिक चंद की पीठ ने खारिज कर दिया था। इसके अलावा इसी तरह की मांग वाली एक और याचिका मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति राजर्षि भारद्वाज की खंडपीठ में सुनवाई के लिए लंबित है।

याचिकाकर्ता नीरज गुप्ता ने कहा कि राज्य के 90 फीसदी विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन परीक्षा हो रही है। वहां बच्चों को किताब खोलकर परीक्षा देने का ऑप्शन दिया गया है। आलिया विश्वविद्यालय ने जितना पाठ्यक्रम संपन्न हुआ है केवल उतनी की परीक्षा लेने का निर्णय लिया है। दूसरी और कलकत्ता विश्वविद्यालय ने पाठ्यक्रम भी पूरा नहीं करवाया है और ऑनलाइन पढ़ाई करने के बावजूद ऑफलाइन परीक्षा की घोषणा की है। इसे रद्द किया जाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि छात्रों का कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई होने और पाठ्यक्रम पूरा नहीं होने की वजह से परीक्षाएं भी ऑनलाइन ही आयोजित की जानी चाहिए ताकि बच्चों को सुविधाएं हो। हालांकि विश्वविद्यालय ने ऑफलाइन परीक्षा लेने की घोषणा कर दी है और साफ कर दिया है कि यह निर्णय वापस नहीं होगा।

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