Budh Pradosh : कल के दिन करें ये उपाय, बड़ी से बड़ी समस्या का भी मिल जाएगा समाधान

प्रदोष व्रत हर माह में शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को रखा जाता है. इस बार ये व्रत 24 फरवरी को पड़ रहा है. दिन के हिसाब से इसके अलग-अलग नाम और महत्व होते हैं. बुधवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को बुध प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है.

बुध प्रदोष व्रत सुख-सौभाग्य और समृद्धि दायक माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से तमाम संकट दूर हो जाते हैं. अगर आपके जीवन में भी किसी तरह की कोई समस्या है तो बुध प्रदोष के दिन आप ये उपाय करें.

आर्थिक तंगी दूर करने के लिए

प्रदोष व्रत की विधिवत पूजा और व्रत के अलावा घर के बड़े बुजुर्गों और बच्चों के हाथ से जरूरतमंद लोगों को मिठाई और हरी वस्तुओं का दान कराएं. गणपति का स्मरण करें और ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का जाप करें. इसके अलावा महादेव के ऊँ क्लीं क्लीं क्लीं वृषभारूढ़ाय वामांगे गौरी कृताय क्लीं क्लीं क्लीं ऊँ नमः शिवाय मंत्र का भी कम से कम 108 बार रुद्राक्ष की माला से जाप करें और उनसे घर की आर्थिक स्थिति को दूर करने की प्रार्थना करें.

घर में हमेशा समृद्धि बनाए रखने के लिए

बुध प्रदोष व्रत वाले दिन सवा किलो साबुत चावल लें. उनमें से कुछ चावल अपने घर के मंदिर में शिवजी का स्मरण करते हुए चढ़ा दें और बाकी चावलों को किसी जरूरतमंद को दान कर दें. शाम को पूजा के बाद घर के चढ़े चावलों को किसी साफ कपड़े में छोटी सी पोटली बनाकर बांध लें और तिजोरी में रख दें.

जीवनसाथी से रिश्ते बेहतर करने के लिए

बुध प्रदोष व्रत के दिन पूर्व दिशा में मुंह करके बैठें फिर तेज स्वर में 11 बार ऊँ शब्द का आंखें बंद करके उच्चारण करें. इसके बाद एक सफेद कोरा कागज लें, उस पर सिन्दूर से क्लीं लिखकर उसे मोड़कर अपने जीवनसाथी के कपड़ों की अलमारी में ऐसी जगह रखें जहां उसे दिखाई न दे. धीरे-धीरे आप दोनों के रिश्ते बेहतर होने लगेंगे.

घर के सदस्यों की सदस्यों की बेहतर सेहत के लिए

बुधवार के दिन देसी घी का चौमुखी दीपक शाम के समय शिवलिंग के समीप जलाएं. इसके बाद तीन बार शिव चालीसा पढ़ें फिर प्रभु से अपने परिवार के सदस्यों की बेहतर सेहत की कामना करें. यदि कोई शख्स बीमार रहता है तो उसे जल्द ही ठीक करने की प्रार्थना करें.

हर संकट से छुटकारे के लिए

शाम के समय प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल में कच्चा दूध मिलाकर अभिषेक करें और तिल के तेल का चौमुखा दीपक जलाएं और ऊँ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें. इसके अलावा बुध प्रदोष के दिन ही घर में लाल रंग के भगवान गणेश की पूर्व दिशा में स्थापना करें. बुध प्रदोष से लेकर लगातार 27 दिनों तक उन्हें रोजाना लाल गुड़हल के 11 फूल और हरी दूर्वा की पत्तियां अर्पित करें और वक्रतुण्डाय हुं मंत्र का एक माला जाप लाल चंदन की माला से करें. इस दौरान रोज प्रभु से घर के संकट दूर करने के लिए प्रार्थना करें. जाप पूर्ण होने के बाद जरूरतमंद लोगों को खाना खिलाएं.

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