Budget 2022: ट्रैवल इंडस्ट्री को ‘वन इंडिया वन टूरिज्म’ पॉलिसी की उम्मीद, सरकार से वीजा फीस माफ करने की मांग

ट्रैवल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (TAAI) ने बजट से पहले सरकार से कुछ मांग रखी है. टीएएआई ने ‘वन इंडिया वन टूरिज्म’ (one india one tourism) की नीति अपनाने की मांग की है. इसके जरिये ट्रैवल इंडस्ट्री के लिए ‘वन टैक्स स्ट्रक्चर’ लागू करने की मांग की गई है. ट्रैवल इंडस्ट्री की मांग है कि सरकार आगामी आम बजट (Budget 2022) में इस नीति को लागू करे. अगर टैक्स स्ट्रक्चर की नई नीति लागू होती है तो कोरोना से बदहाल और बेहाल ट्रैवल इंडस्ट्री को उबरने में मदद मिलेगी. इस कदम से हॉस्पिटेलिटी इंडस्ट्री को भी मदद मिलेगी.

टीएएआई ने विमानों के इंधन एविएशन टर्बाइन फ्यूल या ATF को जीएसटी के दायरे में लाने की सरकार से मांग की है. इससे एटीएफ के सस्ता होने की उम्मीद है. एटीएफ सस्ता होने से किराया कम होगा और फ्लाइट की सवारी अधिक से अधिक लोग कर सकेंगे. इससे ट्रैवल इंडस्ट्री को भी फायदा होगा. ट्रैवल कंपनियों के संगठन टीएएआई ने इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) को आगे बढ़ाने की मांग की है.

सरकार से क्या हैं उम्मीदें

टीएएआई की अध्यक्ष ज्योति मयाल ने PTI से कहा कि आगामी बजट में ट्रैवल इंडस्ट्री को सरकार से कई उम्मीदें हैं. हमें लगता है कि सरकार ट्रैवल, टूरिज्म और हॉस्पिटेलिटी के सभी सेक्टर को फायदा पहुंचाने वाला काम करेगी. इस कदम से पूरे सेक्टर को अपना बिजनेस बढ़ाने और अस्तित्व बनाए रखने में मदद मिलेगी. कुछ ऐसी ही बात एसोसिएशन की तरफ से कही गई. बयान में कहा गया है कि केंद्र और राज्य सरकारें एक साथ आएं और मिलजुलकर इस इंडस्ट्री की मदद करें. इससे इंडस्ट्री के साथ सरकारों को भी फायदा होगा. एसोसिएशन ने मांग की है कि ट्रैवल इंडस्ट्री को कॉनकरंट लिस्ट में शामिल किया जाए ताकि इसका ढांचा और विकिसित किया जा सके.

कैश फ्लो बढ़ाने की मांग

ट्रैवल एजेंट की संस्था TAAI ने कहा कि सरकार को कैश फ्लो बढ़ाने और स्टार्टअप कंपनियों पर लागत के बोझ को कम करने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे. एमएसएमई और एसएमई के लिए भी सरकार को प्रभावी कदम उठाने होंगे. इन कंपनियों को आसानी से लोन मिल सके, इनकम टैक्स रेट और जीएसटी को कम किया जाए और टीसीएस को खत्म किया जाए ताकि बिजनेस को समर्थन मिल सके. सरकार से मांग की गई है कि साल 2022-23 के लिए सभी ई-वीजा की फीस को माफ किया जाए. इससे भारत आने वाले टूरिस्ट के वीजा में तेजी देखी जाएगी. इससे पूरी ट्रैवल इंडस्ट्री को फायदा होगा.

टीएएआई ने पर्यटन मंत्रालय के लिए डबल एक्सपेंडिचर एलोकेशन की मांग की है. भारतीय नागरिकों के लिए डोमेस्टिक इनकम टैक्स ट्रैवल क्रेडिट की शुरुआत करने की मांग की गई है. एसोसिएशन आगामी बजट में ग्लोबल बिडिंग फंड की मांग कर रहा है जिससे कि भारतीय कंपनियों को नीलामी आदि की प्रक्रिया में सहूलियत मिल सके. सरकार से मांग है कि ट्रैवल एजेंट और ऑपरेटर की कमाई सुरक्षित हो सके, इसके लिए सरकार कोई तरीका ढूंढे.

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