Budget 2022: बजट से पहले इन स्टॉक्स में करें निवेश, मिल सकता है बेहतर रिटर्न

कोरोना की तीसरी लहर के बीच संसद का बजट सत्र (Budget Session) 31 जनवरी से शुरू होगा. वित्त मंत्री (Finance Minister) निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अपना चौथा बजट (Budget 2022) 1 फरवरी को पेश करेंगी. ब्रोकिंग फर्म शेयरखान (Sharekhan) ने बजट से पहले कुछ स्टॉक्स का चयन का किया जो निवेशकों को बेहतर रिटर्न दे सकते हैं. ब्रोकरेज हाउस के मुताबिक, केंद्रीय बजट 2022-23 में सरकार का एजेंडा राजकोषीय घाटे को सामान्य स्तर पर लाने के साथ-साथ बढ़ती खाद्य और उर्वरक सब्सिडी को काबू में लाने की होगी.

शेयरखान ने बजट से पहले कुछ शेयर्स का चुनाव किया है. गुड्सरिटर्न्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रोकरेज ने केंद्रीय बजट से पहले 15 शेयरों में निवेश की सलाह दी है. हालांकि, ब्रोकरेज ने कोई विशेष कारण नहीं बताया है कि इन शेयरों को केंद्रीय बजट से पहले क्यों खरीदा जाना चाहिए?

इन स्टॉक्स में बनेंगे पैसे

ब्रोकिंग फर्म ने जिन शेयर्स को सेलेक्ट किया है उनमें आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank), एसबीआई (SBI), एचडीएफसी लिमिटेड, रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL), थर्मेक्स (Thermax), टाटा पावर, एलएंडटी (L&T), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, टाटा मोटर्स (Tata Motors), अल्ट्राटेक, एमएंडएम (M&M), डीएलएफ (DLF), पावर ग्रिड, एचसीजी (HCG), ग्लोबल स्प्रिट्स शामिल हैं.

ब्रोकिंग फर्म द्वारा सिफारिश किए गए शेयरों में बड़ी क्वालिटी वाली कंपनियों के नाम है और इस पर कई ब्रोकरेज हाउसेज ने खरीद की सलाह दी है. इनमें से कुछ ऐसे शेयर हैं जिसमें पिछले एक साल से निरंतर रैली देखने को मिली है.

शेयरखान के मुताबिक, फिस्कल ट्राजेक्टरी का मार्ग केंद्रीय बजट 2022-2023 का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होगा. राजकोषीय घाटा ऐतिहासिक औसत से ज्यादा है, जो महामारी से पैदा हुई है. अर्थव्यवस्था की वर्तमान नाजुक स्थिति के कारण, चल रही आर्थिक गति को बनाए रखने के लिए अभी भी सरकारी समर्थन की जरूरत है. इसलिए, सरकार यहां एक आक्रामक फिस्कल कंसोलिडेशन रूट का विकल्प नहीं चुन सकती है. आर्थिक विकास और फिस्कल कंसोलिडेशन के बीच संतुलन बनाए रखना होगा, जो बॉन्ड बाजार के लिए अच्छा होना चाहिए.

जीएसटी कलेक्शन में तेज उछाल और एडवांस टैक्स में तेज बढ़ोतरी को देखते हुए मार्च 2022 तक मुफ्त खाद्यान्न योजना के विस्तार, तेल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती, उच्च सब्सिडी और व्यय में बढ़ोतरी के कारण राजस्व हानि के बावजूद सरकार को FY22 में वास्तविक राजकोषीय घाटे में कुछ राहत मिल सकती है.

इकोनॉमी को गति देना मुख्य एजेंडा

शेयरखान के मुताबिक, इकोनॉमिक रिकवरी का समर्थन करने की जरूरत को देखते हुए, इन्वेस्टमेंट सायकल को किक-स्टार्ट करना नीति के एजेंडे में सबसे ऊपर रहेगा. इसके अलावा, आगामी बजट में उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन और नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन स्कीम्स पर फोकस बढ़ाना, इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (InvITs) में निवेश के लिए टैक्स इन्सेंटिव और कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउसिंग आदि जैसे एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश देखा जा सकता है.

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