ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक ने कहा, मुझे भी बचपन में नस्लीय भेदभाव का सामना करना पड़ा

भारतीय मूल के ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी एक इंटरव्यू में कहा है कि बचपन में मुझे भी नस्लीय भेदभाव का सामना करना पड़ा था।

एक न्यूज चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि, मेरे माता-पिता चाहते थे कि मैं अन्य ब्रिटिश बच्चों की तरह शिष्टाचार सीखूं और उनकी तरह बोलूं। इसके लिए मेरे माता-पिता ने मुझे स्कूल में ड्रामा क्लास में भेजा।

उन्होंने आगे कहा कि मैंने बचपन में नस्लीय भेदभाव का अनुभव किया है. मुझे आज भी मेरे छोटे भाई-बहनों पर इस्तेमाल किये गये अपशब्द याद हैं। नस्लीय भेदभाव को गहराई से महसूस किया जाता है और यह किसी भी अन्य चीज़ की तुलना में अधिक पीड़ा पहुंचाता है।

सुनक ने कहा, मुझे लगता है कि मेरे बच्चों को वह सब नहीं झेलना चाहिए जो मैंने बचपन में सहा। मेरे माता-पिता चाहते थे कि मेरा और मेरे भाई-बहनों का पालन-पोषण ब्रिटेन के अन्य बच्चों की तरह हो, और विशेष रूप से मेरी माँ इस बात को लेकर बहुत चिंतित थीं कि हम कैसे बोलते हैं और हमारा लहजा कैसा है। वह ईर्ष्यापूर्वक इस बात का ध्यान रखती थी कि बातचीत के दौरान हमारे उच्चारण सटीक हों।