मुस्लिम, ओबीसी का समीकरण बिगाड़ेगा बीजेपी का गणित:वेस्ट यूपी में सपा, रालोद गठबंधन के प्रत्याशियों ने बढ़ाई भाजपा की मुश्किल

 

पश्चिमी यूपी में पहले चरण के चुनाव के नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सपा-रालोद गठबंधन ने 29 नामों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। 29 नामों में सपा के 10 और रालोद के 19 प्रत्याशी हैं। इन प्रत्याशियों में कांग्रेस के पुराने नेता पंकज मलिक से लेकर सपा के कद्दावर नेता शाहिद मंजूर और रफीक अंसारी का नाम भी है।

गठबंधन के ये दावेदार भाजपा की सोशल इंजीनियरिंग पर भारी पड़ सकते हैं। सपा-रालोद के ये प्रत्याशी मुस्लिम, ओबीसी का समीकरण बनाकर भाजपा को नुकसान पहुंचाएंगे ऐसा तय है।

मेरठ सपा का मुस्लिम कार्ड

मेरठ में शहर सीट पर गठबंधन ने सपा से पूर्व मंत्री और विधायक रफीक अंसारी को टिकट दिया है। इस सीट पर भाजपा नेता लक्ष्मीकांत वाजपेयी तीन बार विधायक रहे, लेकिन 2017 में मोदी लहर के बावजूद रफीक अंसारी से वाजपेयी चुनाव हार गए। रफीक को दोबारा टिकट देकर सपा ने मुस्लिम कार्ड खेला है।

बसपा पहले ही यहां ब्रहामण चेहरा उतार चुकी है, जिसके चलते हिंदू वोटों का नुकसान और सपा को फायदा मिलेगा। किठौर सीट पर गुर्जर और मुस्लिम में फाइट का समीकरण बन रहा है। कांग्रेस ने बबीता गुर्जर, बसपा ने केपी मावी को टिकट दिया है। सपा से पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर यहां गठबंधन प्रत्याशी है।

शाहिद का कद इस सीट पर मजबूत है। 2017 में मंजूर कम वोटों से भाजपा के सत्बीर त्यागी से हारे हैं। शाहिद मंजूर के राजनीतिक कद और मुस्लिम वोट बैंक के चलते सपा ने मंजूर को टिकट दिया है, हिंदू वोट बंटने से सपा को यहां फायदा होगा।

मुसलमान, जाट, गुर्जर वोटों पर डालेंगे असर

बागपत में गठबंधन प्रत्याशी नवाब अहमद हमीद भी मुस्लिम चेहरा है। मुस्लिम प्रत्याशी उतारने का बड़ा कारण बागपत में मुसलमानों का बड़ा वोट बैंक हासिल करना है। अहमद के पिता कोकब हमीद भी सात बार विधायक रहे। पॉलिटिकल छवि और सेंटीमेंट के साथ मुस्लिम वोटों को साधने के लिए रालोद ने यह चेहरा चुना जो चुनाव में सीधा असर डालेगा।

अहमद मुसलमान वोटों के साथ रालोद के जाट वोट भी काटेंगे। मीरापुर से चंदन चौहान साफ छवि के नेता और पूर्व डिप्टी सीएम नारायण सिंह के पौत्र हैं। राजनीतिक विरासत को भुनाने और गुर्जर बिरादर का वोट हासिल करने में कामयाब रहेंगे। गुर्जरों का बड़ा वोट बैंक अपने हक में कर भाजपा को नुकसान पहुंचाएंगे।

चरथावल से गठबंधन पर कांग्रेस छोड़ सपा में आए पंकज मलिक को टिकट दिया है। जाट चेहरा और पुरानी राजनीतिक छवि के पंकज के पिता हरेंद्र मलिक भी विधायक रहे हैं। जाट बिरादरी के अलावा मुसलमानों पर अच्छा प्रभाव होने के चलते उनका वोट काटकर पार्टी को फायदा देंगे। कांग्रेस का वोट भी काटेंगे।

खतौली से रालोद के सिंबल पर राजपाल सैनी चुनाव लड़ेंगे। नहटौर से गठबंधन ने मुंशीराम पाल को टिकट दिया है। रालोद से साफ छवि के नेता मुंशीराम पाल पूर्व एमपी हैं इसका फायदा यहां रालोद को मिलना तय है।

 

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