नीति आयोग पर BJP का हमला- बिहार आकर देखें:रिपोर्ट में राज्य को सबसे पीछे बताने पर उठाए सवाल; तेजस्वी ने CM को सुनाया

 

नीति आयोग की ताजा रिपोर्ट में बिहार को सात सूचकांकों पर सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला राज्य बताया गया है। इस पर अब बिहार BJP ने सवाल उठाए हैं। प्रवक्ता प्रेमरंजन पटेल ने कहा है, ‘नीति आयोग को बिहार आकर जमीन पर हकीकत देखनी चाहिए। स्वास्थ्य, शिक्षा में कितना सुधार हुआ है, यह देखना चाहिए।’

पटेल ने कहा है, ‘साल 2005 में बिहार की पर कैपिटा इनकम 7000 रुपए थी, जो आज 46,000 रुपए है। 2005 में योजना आकार 18 हजार करोड़ का था, अब 2 लाख 18 हजार करोड़ का है। केन्द्र सरकार के माध्यम से ही दिए पैकेज में से सड़कों के लिए 54 हजार करोड़ रुपए दिए गए। यह सब विकास आज हर किसी को नजर आ रहा है। 6 घंटे में कहीं से भी राजधानी आ सकते हैं। शिक्षकों की बहाली, पोशाक योजना, मिड डे मिल योजना सब चल रही है।’

तेजस्वी ने CM नीतीश को ही घेरा

वहीं, रिपोर्ट पर दैनिक भास्कर की खबर शेयर करते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव कहा है, ‘नीतीश के 16 साल, बिहार सबसे बदहाल।’ उन्होंने कहा, ‘नीति आयोग की दूसरी रिपोर्ट के 7 सूचकांकों में भी बिहार की सबसे बुरी और खराब स्थिति है। डबल इंजन सरकार के पास कोई तार्किक जवाब नहीं। जब राज्य हित में तथ्य, तर्क और सच्चाई के साथ सवाल पूछता हूं तो धरा के सबसे ज्ञानी 16 वर्षीय मुख्यमंत्री भड़क जाते हैं।’

रिपोर्ट में बताया सबसे खराब प्रदर्शन

नीति आयोग ने नेशनल मल्टीडाइमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्ट- बेसलाइन रिपोर्ट जारी की है। इसमें बताया गया कि बिहार की 51.91 प्रतिशत जनसंख्या मल्टीडाइमेंशनली गरीब है, जबकि 51.88 प्रतिशत लोग न्यूट्रिशन से वंचित हैं। गरीबी, न्यूट्रिशन, मैटरनल हेल्थ, स्कूल अटेंडेंस, कुकिंग फ्यूल और इलेक्ट्रिसिटी के मामले में बिहार का स्थान देश भर में सबसे खराब है। नीति आयोग की यह रिपोर्ट नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-4 के आंकड़ों पर आधारित है।

CM नीतीश भी भड़क चुके हैं

बता दें, इससे पहले स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नीति आयोग की जारी रिपोर्ट पर CM नीतीश कुमार भी भड़क चुके हैं। अक्टूबर में जारी रिपोर्ट में आयोग ने बिहार को फिसड्‌डी राज्यों में रखा था। तब CM ने कहा था, ‘नीति आयोग के काम करने का तरीका बिल्कुल विचित्र है। सभी राज्यों के लिए एक पैरामीटर पर रखकर काम नहीं किया जा सकता। जनसंख्या के लिहाज से बिहार देश में तीसरे स्थान पर है और क्षेत्रफल के लिहाज से 12 में स्थान पर है। ऐसे में अगर आप 1 स्कावयर KM के अंदर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर आकलन करते हैं तो उसका नतीजा सही नहीं आ सकता। बिहार में 15 साल पहले क्या स्थिति थी, यह सबको मालूम है।’

5 अक्टूबर को प्रेस कांफ्रेंस में CM नीतीश कुमार ने आयोग की ईमानदारी पर उठाई थी आवाज।

5 अक्टूबर को प्रेस कांफ्रेंस में CM नीतीश कुमार ने आयोग की ईमानदारी पर उठाई थी आवाज।

 

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