Bihar Election : नहीं मिला टिकट तो रो पड़े नेता जी, बोले- अब जनता की अदालत करेगी फैसला

बिहार में चुनावी सरगर्मी जोरों पर है। सभी दलों ने अपने-अपने प्रत्याशियों की घाेषणा कर दी है। ऐसे में कुछ ऐसे भी नेता हैं जाे सालों से चुनाव लड़ने की तैयारी में थे लेकिन पार्टी ने उन्हें मौका ही नहीं दिया। इस बार वो नेता ज्यादा परेशान है  जिनकी सीट गठबंधन में दूसरी पार्टी को चली गई। एक ऐसे ही नेता हैं रक्सौल विधानसभा सीट से आरजेडी के सुरेश यादव।

सुरेश 15 सालों से राजद के साथ हैं। इस बार चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी में थे। लेकिन रक्सौल सीट कांग्रेस के खाते में चली गई। टिकट नहीं मिलने से सुरेश काफी परेशान हो गए। अब वह बागी हो गए हैं। मीडिया से बात करते समय वो रो पड़े। इनका एक वीडियो भी वायरल हा रहा है। सुरेश यादव ने कहा कि टिकट कटने से परिवार से लेकर समाज में महागठबंधन के प्रति गुस्सा है, इसलिए मैं 19 अक्टूबर को रक्सौल विधानसभा सीट से निर्दलीय ही नामांकन करूंगा। बोले-जनता की अदालत करेगी फैसला। रक्सौल विधानसभा सीट से इस बार महागठबंधन से कांग्रेस ने रामबाबू यादव को अपना प्रत्याशी बनाया है।

दल बदल कर आने वालों को सभी पार्टियाें ने दिया टिकट :

राजद ने कई ऐसे लोगो ंको टिकट दिया है जो पहले दूसरे दल में थे।  रामा सिंह लोजपा के सांसद रहे हैं। हाल ही में वे पार्टी में शामिल हुए और उनकी पत्नी वीणा सिंह को पार्टी ने महनार से उम्मीदवार बना दिया। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे भरत बिंद राजद में शामिल हुए और पार्टी ने उन्हें भभुआ से तो रालोसपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे भूदेव चौधरी को धोरैया से सिंबल थमा दिया। पूर्व सांसद लवली आनंद राजद में शामिल हुईं और खुद सहरसा से तो बेटे चेतन आनंद को शिवहर से टिकट ले लिया। जबकि, खगड़िया के सांसद चौधरी महबूब अली कैसर के बेटे चौधरी युसूफ कैसर राजद में शामिल हुए और सिमरी बख्तियारपुर से सिंबल ले लिया। मो. कामरान रालोसपा में थे और राजद ने उम्मीदवार बना दिया।

वहीं जदयू में भी आधा दर्जन से अधिक उम्मीदवार चुनावी मैदान में डटे हैं। हाल ही में राजद से नाता तोड़कर बिजेन्द्र यादव, चंद्रिका राय, जयवर्धन यादव, प्रेमा चौधरी, महेश्वर यादव, फराज फातमी, अशोक कुमार, संजय प्रसाद ने जदयू का दामन थाम लिया। जदयू ने इन सबों को चुनावी मैदान में उतार दिया है।
कांग्रेस में पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव की बेटी सुभाषिणी यादव पार्टी में शामिल हुईं और उन्हें बिहारीगंज से उम्मीदवार बना दिया गया। जबकि राजद से नाता तोड़कर आए बिजेन्द्र चौधरी को पार्टी ने मुजफ्फरपुर से प्रत्याशी बना दिया। जदयू से आए गजानन शाही को बरबीघा से प्रत्याशी बनाया गया है।

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