भारत बायोटेक का दावा, कहा- कोवैक्‍सीन अब वयस्कों और बच्चों के लिए एक सार्वभौमिक टीका

रत बायोटेक (Bharat Biotech) का कहना है कि कोवैक्‍सीन (COVAXIN) अब वयस्कों और बच्चों के लिए एक सार्वभौमिक टीका है। हमने कोरोना के खिलाफ एक वैश्विक वैक्सीन विकसित करने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। यही नहीं लाइसेंस के लिए सभी अहर्ताएं भी पूरा कर ली गई हैं।

कोवैक्सीन की बूस्टर डोज ओमि‍क्रोन और डेल्टा वैरिएंट पर कारगर

भारत बायोटेक का यह भी दावा है कि अध्‍ययन में पाया गया है कि कोवैक्सीन की बूस्टर खुराक में ओमि‍क्रोन और डेल्टा वैरिएंट से संक्रमण को रोकने की क्षमता है। भारत बायोटेक ने बुधवार को कहा कि जिन लोगों को कोवैक्सीन की बूस्टर डोज शुरुआती दो खुराक के छह महीने बाद दी गई उनमें ओमिक्रोन और डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ प्रतिरक्षा क्षमता बनती पाई गई है। इससे पहले के अध्ययनों में कोवैक्‍सीन के अल्फा, बीटा, डेल्टा, जीटा और कप्पा को रोकने की क्षमता प्रदर्शित हुई थी।

 

भारत बायोटेक ने ट्रस्ट को दान किए दो करोड़ रुपये

इस बीच भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंधन निदेशक कृष्णा इला ने गुरुवार को तिरुमला स्थित भगवान वेंकटेश्वर मंदिर को दो करोड़ रुपये दान में दिए हैं। उन्होंने वैकुंठ एकादशी के अवसर पर यह दान दिया।अपनी पत्नी सुचित्रा के साथ मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद कृष्णा इला ने टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी केएस जवाहर रेड्डी और तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के चेयरमैन वाईवी सुब्बा रेड्डी को दो करोड़ का डिमांड ड्राफ्ट सौंपा। टीटीडी ही इस प्राचीन मंदिर की देखरेख करता है।

 

दान की रकम को तीर्थयात्रियों के लिए इस्‍तेमाल की गुजारिश

अधिकारियों ने कहा कि कृष्णा इला ने राशि का तीर्थयात्रियों के लिए चलाए जाने वाले ट्रस्ट में इस्तेमाल करने का अनुरोध किया। यह राशि आने वाले श्रद्धालुओं को निशुल्क भोजन में खर्च की जाएगी। मंदिर प्रबंधन ने इला और उनकी पत्नी को सिल्क का अंगवस्त्रम एवं अन्य चीजें उपहार में दीं।

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