Bengal Cyber Crime: कोविड वैक्सीन की बूस्टर डोज के नाम पर कोलकाता में चल रहा है फ्रॉड! पुलिस ने किया अलर्ट

पश्चिम बंगाल सहित देश के विभिन्न राज्यों में कोरोना संक्रमण (West Bengal Corona cases) का आतंक फैला हुआ है. कोरोना संक्रमण रोकने लिए कोविड वैक्सीन की तीसरी बूस्टर डोज (Vaccine Third Dose) के नाम पर अब कोलकाता में फ्रॉड किया जा रहा है. इस बाबत कोलकाता पुलिस (Kolkata Crime) ने अपने ट्वीटर हैंडल पर मैसेज देकर लोगों को सतर्क किया है कि वे इस तरह से बहकाबे में नहीं आए. सूत्रों के मुताबिक इस तरह की कई शिकायतें कोलकाता पुलिस में पहले भी दर्ज कराई जा चुकी हैं. ऐसे में कोलकाता पुलिस की साइबर ब्रांच के अधिकारी इस मामले से काफी वाकिफ हैं. वे आम लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं. इसके अलावा वह सोशल मीडिया के जरिए जागरूकता का संदेश भी दे रहे हैं.

 

कोलकाता पुलिस के ज्वाइंट सीपी क्राइम की ओर से ‘फ्रॉड अलर्ट ‘ शीर्षक वाली पोस्ट में लिखा है. इसमें कहा गया है, ”धोखेबाज आम आदमी को धोखा देने के तरीके खोजने की कोशिश कर रहे हैं. बूस्टर खुराक लेने के लिए जालसाज आपको कॉल या मैसेज कर सकते हैं! यदि उत्तर हां है, तो वे आपको एक लिंक या ओटीपी भेजेंगे. बहुत सावधान रहें. यह वह जगह है जहां आप अपना सारा पैसा खो सकते हैं. यदि आपको ऐसा कोई फोन कॉल या संदेश प्राप्त होता है, तो आप कोई लिंक डाउनलोड नहीं करेंगे. ओटीपी साझा न करें.”

तीसरी डोज के नाम पर कर रहे हैं जालसाजी

पुलिस के अनुसार आपके पास एक फोन कॉल आ सकता है और आपसे बहुत विनम्रता से सवाल पूछा जा सकता है, क्या आपने कोरोना की पहली खुराक ली? यदि उत्तर हां है तो प्रश्न पूछा जा सकता है कि क्या आपने दूसरी खुराक ली है. फिर भी आपका जवाब हां है. तो उधर से व्यक्ति या महिला का सवाल हो सकता है कि क्या आप बूस्टर खुराक लेने के लिए तैयार हैं. पुलिस के अनुसार यदि ओमिक्रॉन के मामले में इजाफा देखते हुए बूस्टर खुराक लेने के लिए सहमत हैं, तो फिर वे आपके मोबाइल नंबर पर एक लिंक भेजेंगे और आपसे आपके मोबाइल पर भेजे गए ओटीपी की मांग करेंगे. यदि ओटीपी बता देंगे, तो आपके मोबाइल नंबर से जुड़े बैंक खाते से पैसा गायब हो जाएगा.

बूस्टर डोज को लेकर फोन कॉल से किया अगाह

इस संदर्भ में साइबर विशेषज्ञ संदीप सेनगुप्ता ने कहा, ”साइबर अपराध इन दिनों एक बड़ा सिरदर्द बन गया है. अगर आपके पास बूस्टर डोज के बारे में ऐसा कोई फोन कॉल या मैसेज आता है तो उस पर ध्यान न दें. किसी भी प्रकार के ओटीपी के बारे में किसी को न बताएं. कोई लिंक शेयर न करें.” नए पुलिस आयुक्त के रूप में कार्यभार संभालने वाले बिनीत गोयल ने कहा था, ‘कोलकाता पुलिस की साइबर सेल काफी संगठित है. साइबर क्रिमिनल नए-नए मामलों में लोगों को धोखा दे रहे हैं, कई आम लोग इसका शिकार हो रहे हैं. कोलकाता पुलिस तैयारी कर रही है कि इससे निपटने के लिए और क्या किया जा सकता है.”

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