2024 से पहले हो सकती हैं 1000 लोक सभा सीट, Central Vista का आर्किटेक्चर प्लान संसद में पेश हो: मनीष तिवारी

नई दिल्ली: करीब 971 करोड़ रुपये की लागत से नया संसद भवन (New Parliament Chamber) बनकर तैयार हो रहा है. यह संसद भवन अक्टूबर, 2022 तक बनकर तैयार हो जाएगा और आगे वर्ष 2024 तक संसद भवन परिसर में सभी सांसदों को 40-40 वर्गमीटर के ऑफिस भी उपलब्ध कराए जाएंगे. इस बीच कांग्रेस नेता मनीष तिवारी (Manish Tewari) ने नए संसद भवन का Architectural Plan संसद में पेश किए जाने की मांग की है. इसके पीछे जो वजह मनीष तिवारी बता रहे हैं वो अपने आप में बड़ा ‘बदलाव’ हो सकता है.

2024 से पहले लोक सभा की संख्या 1000?

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी (Manish Tewari) ने कहा, ‘दोस्तों ने मुझे बताया कि 2024 से पहले लोक सभा की संख्या 1000 या उससे अधिक करने के प्रस्ताव पर एक गंभीर चर्चा हो रही है. इसलिए नए संसद भवन का आर्किटेक्टरल प्लान संसद में पेश किया जाना चाहिए.’ हालांकि तिवारी खुद इस दावे की वास्तविकता की पुष्टि नहीं करते हैं. क्योंकि उन्होंने यह भी कहा, ‘पता नहीं यह सच है या झूठ.’

 

 

सेंट्रल विस्टा की जरूरत क्यों?

11 फरवरी 2021 के लोक सभा में हुए एक सवाल के जवाब में शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने नए सेंट्रल विस्टा (central vista project) के औचित्य पर प्रकाश डाला था. उन्होंने बताया कि संसद भवन 100 पुराना हो चुका है. वर्ष 2026 के बाद लोक सभा की सीटें बढ़ेंगी. इसलिए नया संसद भवन बनाया जा रहा है. केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, नई दिल्ली में सेंट्रल विस्टा का मुख्य एवेन्यू राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक फैला हुआ है. मगर, बदलते जमाने के साथ इसे विश्वस्तरीय किया जाना है. क्योंकि इसमें सार्वजनिक सेवाओं, सुविधाओं और पार्किंग का अभाव है. नए संसद भवन की प्रमुख खासियतों में सदन में बैठने की क्षमता बढ़ाया जाना भी शामिल है-

 

 

1- लोक सभा में सीटें

नए संसद भवन की लोक सभा में पहले से कहीं ज्यादा 888 सांसदों के बैठने की व्यवस्था होगी. वर्तमान की लोक सभा में अधिकतम 552 सांसदों के ही बैठने की व्यवस्था है. इस प्रकार आने वाले वर्षों में जब सांसदों की संख्या बढ़ेगी तो दिक्कत नहीं होगी. नई लोक सभा वर्तमान की तीन गुनी होगी.

2- राज्य सभा में सीटों की संख्या

नए संसद भवन की राज्य सभा का भी आकार पहले से ज्यादा बड़ा होगा. वर्तमान राज्य सभा की क्षमता कुल 245 सीटों की है. नई राज्य सभा में 384 सीटों की व्यवस्था रहेगी. इस प्रकार भविष्य में राज्य सभा सांसदों की संख्या बढ़ने पर भी सदन में स्थान की कमी नहीं होगी.

3- लोक सभा हॉल में 1272 लोग बैठ सकेंगे

नए संसद भवन में सेंट्रल हाल नहीं होगा. अभी पुराने संसद भवन में कुल 436 लोगों की क्षमता वाला सेंट्रल हाल है. लोक सभा और राज्य सभा का संयुक्त सत्र इसी सेंट्रल हॉल में अब तक होता आया है. लेकिन कम क्षमता के कारण सेंट्रल हाल में ज्वाइंट सेशन के दौरान करीब दौ सौ कुर्सियां लगानी पड़ती हैं. जिससे सुरक्षा की चुनौती खड़ी होती है. ऐसे में अब नए संसद भवन में यह दिक्कत दूर होगी. नए संसद भवन में लोक सभा हॉल की डिजाइन कुछ ऐसी की जा रही है कि वहां पर संयुक्त सत्र आयोजन किया जा सकेगा. लोक सभा हॉल में 1272 लोग बैठ सकेंगे.

4- कमेटी रूम अधिक होंगे

नए संसद भवन में कमेटी रूम की संख्या कहीं अधिक होगी. हर कमेटी रूम में आधुनिकतम ऑडियो-विजुअल सिस्टम उपलब्ध होंगे. जिससे संसदीय समितियों के कामकाज में आसानी होगी.

 

उपराष्ट्रपति और PM का नया आवास भी होगा तैयार

बता दें, केंद्र सरकार की नई सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत नया संसद भवन बनाया जा रहा है. नए सेंट्रल विस्टा के निर्माण से राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक का नजारा बदल जाएगा. दावा किया जा रहा है कि अगले ढाई सौ सालों की जरूरतों के मद्देनजर विश्वस्तरीय सेंट्रल विस्टा बनाने की दिशा में कार्य चल रहा है. शहरी कार्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली इस परियोजना को पूरा कराने की जिम्मेदारी सीपीडब्ल्यूडी की है. दिसंबर 2022 तक उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का नया आवास भी क्रमश: नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक के पास बनकर तैयार होगा. इसके अलावा कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट भी बनाने की तैयारी है.

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