Baikunth Chaturdashi 2020: 28 नवंबर को बैकुंठ चतुर्दशी, भगवान शिव और विष्णु को प्रसन्न करने के लिए ऐसे करें पूजा

कार्तिक शुक्ल पक्ष की उदया त्रयोदशी तिथि और शनिवार है। त्रयोदशी तिथि सुबह 10 बजकर 22 मिनट तक रहेगी उसके बाद चतुर्दशी तिथि लग जायेगी और कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को बैकुंठ चतुर्दशी मनायी जाती है। अतः शनिवार को बैकुंठ चतुर्दशी व्रत है | इसे ‘बैकुण्ठ चौदस’ के नाम से भी जाना जाता है । वैकुंठ चकुर्दशी के दिन भगवान शिव और विष्णु जी की विधिवत रूप से पूजा-अर्चना की जाती है।

बैकुंठ चतुर्दशी के दिन सुबह के समय भगवान शंकर की विधि-पूर्वक पूजा करनी चाहिए। साथ ही भगवान विष्णु की पूजा भी पूरे विधि-विधान के साथ करनी चाहिए। दरअसल चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु अपना सारा कार्यभार भगवान शंकर को सौंपकर निद्रा में चले जाते हैं और चार महीनों के बाद बैकुंठ चतुर्दशी के दिन निद्रा से उठते हैं और भगवान शंकर का पूजन करते हैं और भगवान शंकर फिर से उन्हें सृष्टि का सारा कार्यभार सौंप देते हैं।

 

 

शनिवार को पूरा दिन पूरी रात पार कर कल सुबह 10 बजकर 9 मिनट तक परिध योग रहेगा। इस योग में शत्रु के विरूद्ध किए गए कार्य में सफलता मिलती है। इसके अलावा आज देर रात 3 बजकर 19 मिनट तक भरणी नक्षत्र रहेगा। जानिए आचार्य इंदु प्रकाश से वैकुंठ चकुर्दशी के दिन क्या उपाय करना चाहिए।

  • अगर आप अपने जीवन में धन-धान्य और भौतिक सुखों में बढ़ोतरी करना चाहते हैं, तो आज शिव मन्दिर जाकर पहले शिवलिंग का जल से अभिषेक करें और फिर भगवान को धतूरा और भांग चढ़ाएं। साथ ही कनेर का पुष्प भी अर्पित करें।
  • अगर आप अपने अंदर सकारात्मक विचारों का समावेश करना चाहते हैं, तो आज  एक पीपल का पत्ता लेकर, उस पर हल्दी से स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं और श्री विष्णु के चरणों में ‘ऊँ नमो भगवते नारायणाय’ कहते हुए अर्पित करें | साथ ही किसी पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं।
  • अगर आप किसी कारणवश परेशान चल रहे हैं, जिसके कारण आपके काम अटक रहे हैं, तो आज  11 बेलपत्र के साथ थोड़े-से तिल शिव जी को अर्पित करें | साथ ही गाय को जौ के आटे से बनी रोटियां खिलाएं।
  • अगर आप अपने दाम्पत्य जीवन को सुखमय बनाये रखना चाहते हैं, तो आज  भगवान विष्णु की विधि-पूर्वक पूजा करने के बाद केले के वृक्ष में जल अर्पित करें। साथ ही वृक्ष के नीचे शुद्ध घी का दीपक जलाएं | फिर दोनों हाथ जोड़कर, सिर झुकाकर वृक्ष को प्रणाम करें।

  • अगर आप जीवनसाथी के साथ अपने संबंधों में प्रेम और शांति बनाये रखना चाहते हैं, तो आज आपको दूध में थोड़ा-सा केसर और कुछ फूल डालकर शिवलिंग पर चढ़ाने चाहिए | साथ ही शिव जी के इस मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए | मंत्र है -‘ऊँ नमः शिवाय |’
  • अगर आप अपने किसी विशेष काम में लाभ सुनिश्चित करना चाहते हैं, तो आज  बेसन को देशी घी में भूनकर, उसमें पिसी हुई शक्कर और  केसर डालकर 21 लड्डू बनाएं, यदि घर पर लड्डू ना बना सकें  तो बाजार से भी ला सकते हैं। अब विष्णु मन्दिर में जाकर या घर पर ही भगवान विष्णु को एक-एक करके वो लड्डू चढ़ाएं और हर बार लड्डू चढ़ाते समय श्री विष्णु का ये मंत्र बोलें- ‘ऊँ नमो भगवते नारायणाय’। इस प्रकार मंत्र बोलते हुए पूरे 21 लड्डू भगवान को चढ़ाएं और कपूर से भगवान की आरती करें। मंत्र का 21 बार जप करें | मंत्र है-   ‘ॐ नमश्शिवाय |’
  • अगर आप हर तरह के भय से छुटकारा पाना चाहते हैं और अपने जीवन में नयी ऊर्जा का संचार करना चाहते हैं, तो आज  आपको किसी नदी, तालाब के पास जाकर चौदह तेल के दीपक जलाने चाहिए, लेकिन अगर आपके आस-पास कोई नदी, तालाब न हो तो आप अपने  घर में ही चौदह दीपक जलाएं और उनमें से एक दीपक नल के पास जरूर जलाएं।

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