आजम खान की नई मुश्किलें: क्या फिर से जेल जानें का खतरा

नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान का दर्द दिल से बाहर आया है। उन्होंने रामपुर स्थित चौहान यूनिवर्सिटी में झंडारोहण किया, और इस मौके पर पिंजरे में बंद पक्षियों को भी आजादी दिलाई। अपने दिल की बात कहते हुए उन्होंने एक बार फिर जेल जाने की आशंका जताई है। उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी की देखभाल की मांग की है, और उम्मीद दिखाई है कि आने वाले दिन बेहतर होंगे, जैसे-जैसे बादल बदल जाते हैं और तपती धूप में मुश्किलों का सामना करने का समय आएगा।

स्वतंत्रता दिवस पर जौहर यूनिवर्सिटी में झंडारोहण करने के बाद, आजम खान ने अपने दिल की बात कही, “जो कहता हूं वह सच और सही होता है। मुझे सजा मिली है और हर वक्त यही अरमान है कि हम फिर से जेल जाएं, जहां से हमने 27 महीने तक की तन्हाई की यात्रा तय की है। हर रात और हर सुबह, हम आजादी के इस दिन की प्रतीक्षा में गुज़रते हैं। लेकिन अगले क्षण की ज्ञाति हमें नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा, “हम 15 अगस्त को आपको यह फैसला लेने का आवाहन करते हैं कि हम बाहर रहें या न रहें, हम उनकी देखभाल करेंगे कि हमारे बच्चों को और हमारी बेटियों को मुफ़्त और काबिल की हिफ़ाज़त देंगे, उन्हें मालिक की दुआ से लबरेज़ करेंगे।”

आजम खान ने अपने पेज में यह भी शब्द कहे, “यह तय आपको करना है कि आजादी के इस दिन में किस बात को अपमान मानते हैं। हम कलम की धारा से अग्रसर होंगे, या हथियार की धारा से, यह आपको तय करना है। गर्मी बहुत है, मौसम सख्त है, कभी-कभी बादल आ जाते हैं। शायद यह इंतजार हो सकता है कि जुल्म की गरमाहट खत्म हो जाएगी। और बिना बादलों के भी हिंदुस्तान को ठंडक महसूस होगी। सभी को आज के दिन की हार्दिक शुभकामनाएं।”