Aviation Stocks Crash : मिडल ईस्ट संकट से भारतीय एयरलाइंस में हड़कंप SpiceJet और IndiGo के शेयर 14% तक टूटे
News India Live, Digital Desk : जैसे-जैसे मिडिल ईस्ट में स्थिति गंभीर हो रही है, निवेशकों के बीच डर का माहौल है। आज के कारोबारी सत्र में एविएशन कंपनियों के शेयरों ने गोता लगाया है, जिससे निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए हैं।
1. शेयरों में कितनी आई गिरावट?
आज बाजार खुलते ही एविएशन स्टॉक्स में बिकवाली का भारी दबाव देखा गया:
SpiceJet: स्पाइसजेट के शेयरों में सबसे ज्यादा मार पड़ी है, जो करीब 14% तक नीचे गिर गए। कंपनी पहले से ही फंड की कमी से जूझ रही है, और अब भू-राजनीतिक तनाव ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
IndiGo (InterGlobe Aviation): भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के शेयर भी 5% से 8% तक लुढ़क गए।
Air India (Tata Group): हालाँकि एयर इंडिया लिस्टेड नहीं है, लेकिन टाटा समूह के अन्य संबंधित स्टॉक्स पर भी इसका दबाव देखा गया है।
2. गिरावट के 3 मुख्य कारण (Key Reasons)
भारतीय एयरलाइंस के लिए यह 'ट्रिपल मार' जैसा है:
कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतें: युद्ध की स्थिति में तेल की सप्लाई रुकने के डर से ब्रेंट क्रूड की कीमतें आसमान छू रही हैं। एयरलाइंस के कुल खर्च का लगभग 40% हिस्सा एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर खर्च होता है। तेल महंगा होने का मतलब है एयरलाइंस का मुनाफा कम होना।
रूट डायवर्जन (Flight Rerouting): ईरान और इजरायल के हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद होने या असुरक्षित होने के कारण उड़ानों को लंबे रास्तों से उड़ना पड़ रहा है। इससे ईंधन की खपत बढ़ गई है और ऑपरेशनल लागत में भारी इजाफा हुआ है।
फ्लाइट कैंसिलेशन: सुरक्षा कारणों से मिडल ईस्ट के कई शहरों (जैसे तेल अवीव, तेहरान, बेरूत) के लिए उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं, जिससे सीधे तौर पर रेवेन्यू का नुकसान हो रहा है।
3. निवेशकों के लिए एक्सपर्ट की राय
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मध्य पूर्व में तनाव कम नहीं होता, तब तक एविएशन स्टॉक्स में अस्थिरता (Volatility) बनी रहेगी।
Long-term View: लंबी अवधि के निवेशकों को फिलहाल 'वेट एंड वॉच' (Wait and Watch) की नीति अपनानी चाहिए।
Impact on Fares: आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू हवाई किरायों में 10% से 15% की बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि एयरलाइंस बढ़े हुए ईंधन खर्च का बोझ यात्रियों पर डाल सकती हैं।
वैश्विक बाजारों का हाल
सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका और यूरोप के एविएशन स्टॉक्स भी लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। सोने की कीमतों में उछाल और तेल की कीमतों में तेजी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए 'रेड फ्लैग' जारी कर दिया है।