ऑस्ट्रेलिया ने भारत के साथ हिंद प्रशांत क्षेत्र में मिलकर काम करने की जताई इच्छा

नई दिल्ली, 22 जून (हि.स.)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और ऑस्ट्रेलियाई उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया समान लोकतांत्रिक मूल्य साझा करते हैं, जिसमें मुक्त और खुले हिन्द प्रशांत का विजन शामिल है। दोनों देशों के डिफेंस और सुरक्षा क्षेत्र में नजदीकी संबंध हिन्द प्रशांत में स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण कारक है। रिचर्ड मार्लेस ने हिंद प्रशांत क्षेत्र में भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई।

ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस अपनी चार दिवसीय भारत यात्रा पर हैं। वह 20 जून को गोवा पहुंचे और उन्होंने मंगलवार को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड का दौरा किया। बाद में वह भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस हंसा को भी देखने गए। आज सुबह दिल्ली पहुंचने पर रिचर्ड मार्लेस और रक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का दौरा करके युद्ध नायकों को श्रद्धांजलि दी। राजनाथ सिंह के साथ द्विपक्षीय बैठक से पहले उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद रक्षा मंत्रियों ने दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की समीक्षा करने के साथ ही द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की नयी पहलों पर विचार-विमर्श किया। इसके साथ दोनों रक्षा मंत्रियों ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

द्विपक्षीय बैठक के बाद साझा बयान में बताया गया कि दोनों रक्षा मंत्रियों ने मौजूदा व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रक्षा और सुरक्षा स्तंभों की समीक्षा की, जो कोरोना महामारी की चुनौतियों के बावजूद बढ़ रही हैं। सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा के साथ ही व्यापक रणनीतिक साझेदारी के कार्यान्वयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। बयान में कहा गया कि दोनों मंत्री रक्षा अनुसंधान और सामग्री सहयोग पर भारत-ऑस्ट्रेलिया संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिसकी बैठक इस साल के अंत में ऑस्ट्रेलिया में होगी। यह जेडब्ल्यूजी रक्षा उद्योगों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण तंत्र है।

दोनों मंत्रियों ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच औद्योगिक सहयोग के और अवसरों पर चर्चा की। दोनों पक्ष भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई रक्षा औद्योगिक ठिकानों के बीच संबंधों और अवसरों को बढ़ाने के साधनों का पता लगाने पर सहमत हुए। दोनों मंत्रियों ने 2022 के उत्तरार्ध में लैंडमार्क जनरल रावत यंग ऑफिसर एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू करने की योजना का स्वागत किया, जिसकी घोषणा 21 मार्च, 2022 को दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच वर्चुअल शिखर बैठक के दौरान की गई थी। इसके अलावा सामरिक चुनौतियों और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के दौरान इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के अपने साझा उद्देश्य की पुष्टि की गई।

भारत और ऑस्ट्रेलिया जून 2020 से एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के सहभागी हैं और रक्षा क्षेत्र इस साझेदारी का एक प्रमुख स्तंभ है। दोनों देशों की यह साझेदारी मुक्त, खुले, समावेशी और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण पर आधारित है। पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र की शांति और समृद्धि से दोनों लोकतंत्रों के आपसी हित जुड़े हुए हैं। दोनों देशों की भागीदारी भारत-प्रशांत क्षेत्र की समृद्धि, समग्रता, मुक्त और निष्पक्ष दृष्टिकोण पर आधारित है। दोनों देश समान रूप से पूरे क्षेत्र में शांति और समृद्धि चाहते हैं। उन्होंने चीन की आक्रामकता की ओर इशारा करते हुए कहा कि नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के कारण दशकों से हिंद-प्रशांत में शांति और समृद्धि थी लेकिन अब यह क्षेत्र दबाव का सामना कर रहा है।

यात्रा के दौरान वह विदेश मंत्री डॉ एस. जयशंकर से भी मिलेंगे। इसके अलावा वह राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा से जुड़े नीति निर्माताओं और अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। मार्लेस ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के सबसे करीबी सुरक्षा साझेदारों में से एक भारत सरकार हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपने अन्य भागीदारों के साथ ऑस्ट्रेलिया के ऐतिहासिक रूप से गहरे जुड़ाव को पुनर्जीवित करने की कोशिश में जुटी है। उनका देश भी खुले व समावेशी हिंद प्रशांत क्षेत्र के लिए निकटता से काम करने का इच्छुक है।

Check Also

एक मूर्ति लेकिन दो मंदिर! क्या है महाभारत काल के इस रहस्यमयी मंदिर का रहस्य?

मुंबई: भारत में कई तरह के मंदिर हैं. जिसकी अलग-अलग बनावट और विशेषताएं हैं। जो हमेशा लोगों को …