Assam Politics : असम में कांग्रेस को महाझटका पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा ने थामी भाजपा की कमान
News India Live, Digital Desk : असम की राजनीति में रविवार, 22 फरवरी 2026 की सुबह एक बड़ा भूचाल आ गया। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) के पूर्व अध्यक्ष और पार्टी के कद्दावर नेता भूपेन बोरा (Bhupen Borah) ने औपचारिक रूप से कांग्रेस का साथ छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की मौजूदगी में हुए इस हाई-प्रोफाइल ज्वाइनिंग इवेंट ने पूर्वोत्तर में कांग्रेस की जड़ें हिला दी हैं।
1. "कांग्रेस में भविष्य नहीं": भूपेन बोरा का छलका दर्द
बीजेपी की सदस्यता लेने के बाद भूपेन बोरा ने मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा:
नेतृत्व का अभाव: "कांग्रेस अब केवल एक परिवार तक सीमित रह गई है। वहां विजन की कमी है और जमीनी कार्यकर्ताओं की कोई सुनने वाला नहीं है।"
मोदी के विजन पर भरोसा: बोरा ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के विकास कार्यों से प्रभावित होकर बीजेपी में शामिल हुए हैं।
असम का विकास: उन्होंने जोर देकर कहा कि असम को अगर विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाना है, तो 'डबल इंजन' सरकार के साथ चलना ही एकमात्र विकल्प है।
2. सीएम हिमंत का तंज: "ताश के पत्तों की तरह ढह रही कांग्रेस"
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भूपेन बोरा का स्वागत करते हुए कांग्रेस पर जमकर चुटकी ली। उन्होंने कहा कि बोरा का भाजपा में आना इस बात का प्रमाण है कि अब कांग्रेस के पास न तो कोई नीति बची है और न ही नेता। सीएम ने दावा किया कि आने वाले दिनों में कांग्रेस के कई और विधायक और बड़े पदाधिकारी भाजपा में शामिल होंगे।
3. कांग्रेस के लिए क्यों बड़ा नुकसान? (Impact Analysis)
भूपेन बोरा केवल एक नेता नहीं, बल्कि असम में कांग्रेस का चेहरा थे। उनके जाने से पार्टी को ये 3 बड़े नुकसान होंगे:
संगठन में बिखराव: बोरा के साथ उनके समर्थकों और कई जिला स्तर के पदाधिकारियों के भी पाला बदलने की संभावना है।
रणनीतिक चोट: लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस खुद को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन इस झटके ने पार्टी के आत्मविश्वास को तोड़ दिया है।
विपक्ष का कमजोर होना: विधानसभा चुनाव से पहले मुख्य विपक्षी दल के अध्यक्ष का सत्ता पक्ष में जाना 'असम कांग्रेस' के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर सकता है।
4. सोशल मीडिया पर 'दलबदल' की चर्चा
जैसे ही यह खबर फैली, सोशल मीडिया पर #AssamPolitics और #BhupenBorah ट्रेंड करने लगा। भाजपा समर्थकों ने इसे "मास्टरस्ट्रोक" बताया, जबकि कांग्रेस समर्थकों ने इसे "अवसरवाद" करार दिया।