नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने देश में 60 साल या उससे अधिक उम्र वालों को कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज लगाने की अनुमति तो दे दी है लेकिन फिलहाल यह सिर्फ उन्हें दी जा रही है, जो गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हैं या जिन्हें जान का खतरा ज्यादा है। हालांकि, अब खबर है कि केंद्र जल्द ही बूस्टर खुराक लेने की इच्छा रखने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए इस शर्त को खत्म कर सकती है। एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि यह शर्त इसलिए रखी गई थी ताकि सबसे ज्यादा जोखिम वाले लोगों को वैक्सीन की मांग बढ़ने से पहले ही बूस्टर खुराक मिल जाए।

मौजूदा समय में, 60 से अधिक उम्र वाले उन लोगों को तीसरी डोज मिल रही हैं जो बीमार हैं, तो वहीं कम से कम 9 महीने पहले वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके फ्रंटलाइन और हेल्थकेयर वर्करों को भी प्रिकॉशन डोज दी जा रही है। 10 जनवरी से ही इन लोगों को एहतियाती डोज मिलनी शुरू हुई है। तीन जनवरी को सरकार ने 15 से 18 साल के बच्चों के लिए भी वैक्सीनेशन शुरू कर दिया था। नाम न बताने की शर्त पर एक सूत्र ने हमारे सहयोगी हिन्दुस्तान टाइम्स से कहा कि वैक्सीन की कमी को ध्यान में रखते हुए नैशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाइजेशन (NTGAI) के एक्सपर्ट स्टैंडिंग ग्रुप ने 15 से 18 साल के बच्चों के लिए वैक्सीन और प्रिकॉशन डोज का चरणबद्ध तरीके से विस्तार करने का सुझाव दिया था।

हालांकि, सूत्र ने यह भी कहा कि सरकार के पास वैक्सीन की सप्लाई की अब कोई दिक्कत नहीं है लेकिन फिर भी यह फैसला लिया गया कि 60 साल या उससे अधिक उम्र वालों को चरणबद्ध तरीके से तीसरी खुराक दी जाए। हालांकि, नियम के मुताबिक अभी भी 60 साल या उससे अधिक वालों को तीसरी डोज लेने के लिए बीमारी से संबंधित कोई डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन दिखाने की जरूरत नहीं है। इन लोगों को प्रिकॉशन डोज लेने के लिए सिर्फ एक शर्त है कि उन्होंने कम से कम 39 हफ्ते पहले वैक्सीन की दूसरी खुराक ली हो।

उपरोक्त सूत्र ने बताया कि 60 साल से अधिक आयु वर्ग के समूह में 13.7 करोड़ से ज्यादा लोग शामिल हैं, यही वजह है कि सरकार ने इस समूह को गंभीर बीमारियों से ग्रसितों और स्वस्थ लोगों में बांटा। इसलिए प्रिकॉशन डोज की शुरुआत उन लोगों से हुई जिन्हें सबसे ज्यादा खतरा था और धीरे-धीरे यह इस उम्र की पूरी आबादी के लिए शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में कई टीकों को आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिलने से वैक्सीन की सप्लाई और बढ़ने की उम्मीद है।