"अमेरिका में दिखा एक और कॉकरोच!" बैंकों के नए संकट से दुनिया भर के बाज़ार धड़ाम, सोना आसमान पर
दुनिया भर के शेयर बाज़ारों में हाहाकार मचा हुआ है। बुधवार का दिन निवेशकों के लिए किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ। अमेरिका से लेकर एशिया तक, हर तरफ बिकवाली का लाल समंदर नज़र आ रहा है। डाओ जोंस 300 अंक टूट गया, तो भारतीय निवेशकों के लिए संकेत देने वाला गिफ्ट निफ्टी भी लुढ़क गया।
लेकिन सवाल यह है कि अचानक ऐसा क्या हुआ कि बाज़ार में इतनी घबराहट फैल गई? इसके पीछे एक नहीं, बल्कि तीन बड़ी वजहें हैं।
1. अमेरिका में दिखा एक और 'कॉकरोच'! बैंकों के नए संकट से सहमा बाज़ार
बाज़ार के इस डर की सबसे बड़ी वजह अमेरिका में एक नए बैंकिंग संकट की आहट है।
- क्या हुआ? अमेरिका के दो रीजनल बैंकों—Zions Bancorp और Western Alliance Bancorp—के शेयर 11% से 13% तक बुरी तरह टूट गए।
- क्यों टूटे? पता चला है कि इन बैंकों ने कुछ ऐसे लोन दिए हैं जिनमें धोखाधड़ी हुई है और अब वो डूबने की कगार पर हैं।
यह खबर सुनते ही निवेशकों को मार्च 2023 का वो खौफनाक मंज़र याद आ गया, जब सिलिकॉन वैली बैंक (SVB) डूबा था। इस डर को और हवा दे दी जेपी मॉर्गन के CEO जेमी डाइमन के एक बयान ने। उन्होंने कहा:
"जब आपको एक कॉकरोच दिखे, तो समझिए और भी होंगे।"
उनका सीधा इशारा था कि यह सिर्फ दो बैंकों की समस्या नहीं है, बल्कि अमेरिका के बैंकिंग सिस्टम में और भी कई छिपे हुए 'कॉकरोच' हो सकते हैं। इस एक बयान ने बाज़ार में सुनामी ला दी।
2. दो 'सुपर पावर' की सीक्रेट मुलाकात: पुतिन से मिलेंगे ट्रंप
इस आर्थिक डर के अलावा, दुनिया की राजनीति में भी एक बड़ी हलचल होने वाली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुलासा किया है कि वे अगले दो हफ़्तों में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे।
- कहाँ मिलेंगे? हंगरी के बुडापेस्ट में।
- क्या बात हुई? बताया जा रहा है कि दोनों के बीच दो घंटे लंबी फोन पर 'अहम' बातचीत हो चुकी है।
यह मुलाकात क्यों हो रही है और इसका यूक्रेन युद्ध या दुनिया पर क्या असर पड़ेगा, इसे लेकर अनिश्चितता का माहौल है, और बाज़ार को अनिश्चितता बिल्कुल पसंद नहीं।
3. अमेरिका का अपना ड्रामा: 'शटडाउन' का साया
इन सब के बीच, अमेरिका अपनी ही एक समस्या से जूझ रहा है। वहाँ की सरकार के पास पैसे खत्म हो रहे हैं (जिसे शटडाउन कहते हैं) और नेता इस पर सहमत नहीं हो पा रहे हैं। फंडिंग का एक और बिल सीनेट में फेल हो गया है। जब दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था खुद ही डांवाडोल हो, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है।
नतीजा: निवेशक डरे, सोना-चांदी आसमान पर!
इन तीनों वजहों से निवेशक बुरी तरह डर गए हैं:
- वे जमकर शेयर बेच रहे हैं (इसलिए बाज़ार लाल हैं)।
- डर का मीटर (VIX) भी उछलकर कई महीनों के ऊपरी स्तर पर पहुँच गया है।
- और जब भी बाज़ार में डर फैलता है, निवेशक अपना पैसा सबसे सुरक्षित जगह, यानी सोने-चांदी में लगाते हैं। यही वजह है कि सोने-चांदी की कीमतें एक नई ऊंचाई पर पहुँच गई हैं।
कुल मिलाकर, पूरी दुनिया के बाज़ारों पर इस वक़्त डर और अनिश्चितता के काले बादल छाए हुए हैं।